Bhagalpur News: स्मार्ट शहर में शौचालय का सवाल, भागलपुर वालों का हाल बेहाल

Published by : SANJIV KUMAR Updated At : 12 Sep 2025 12:49 AM

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डिक्सन मोड़ बस स्टैंड पर उतड़ने वाले सैकड़ों यात्रियों को शौचालय के लिए जाना पड़ता है रेलवे स्टेशन

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= शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर नहीं है शौचालय की व्यवस्था= डिक्सन मोड़ बस स्टैंड पर उतड़ने वाले सैकड़ों यात्रियों को शौचालय के लिए जाना पड़ता है रेलवे स्टेशन

ईश्वराज, भागलपुर

भागलपुर शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले कई वर्ष हो गये लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं की यहां घोर कमी है. खासकर सार्वजनिक शौचालय की समस्या शहरवासियों के लिए बड़ी चुनौती है. डिक्सन मोड़ से लेकर लोहिया पुल स्टेशन चौक, सूता पट्टी, गिरधारी शाह हटिया तक एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है. स्टेशन परिसर के भीतर दो शौचालय तो हैं लेकिन लोहिया पुल के किनारे खुले में ही लोग लघुशंका कर रहे हैं. बस स्टैंड पर एक भी शौचालय नहीं है, जिससे यात्रियों को शौच के लिए स्टेशन जाकर ही राहत मिलती है. प्रभात खबर की टीम जब इस समस्या की पड़ताल में निकली, तो हालात और भी गंभीर दिखे. प्रतिदिन दर्जनों बसें बस स्टैंड पर आती हैं और सैकड़ों यात्री सफर करते हैं. बावजूद आपात स्थिति में उन्हें सड़क किनारे ही लघुशंका के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

रेलवे की खाली जमीन और दीवारों पर लघुशंका करने की मजबूरी

स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि वे हड़ियापट्टी की रेलवे की खाली जमीन पर लघुशंका करते हैं. विद्यार्थी परिषद कार्यालय के पास एक शौचालय है, लेकिन वहां कम लोग जाते हैं. सूतापट्टी, कलाली गली और बुधिया गली में लोग दीवारों पर ही लघुशंका करते हैं. रिक्शा चालक मनोज मंडल ने बताया कि वह घोघा से रोज रिक्शा चलाने आते हैं. शौचालय की सुविधा न होने के कारण उन्हें स्टेशन में 10 रुपये देकर शौच के लिए जाना पड़ता है. वहीं नंदा देवी ने कहा कि बाजार आने पर सड़क पर दुर्गंध आती है, जिससे चलना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय कृष्णा खट्टिक ने कहा कि जाम की समस्या पहले से है लेकिन शौचालय की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

स्मार्ट सिटी की अस्मिता से जुड़ गया है मामला

स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बावजूद शौचालय जैसी प्राथमिक सुविधा का अभाव चिंताजनक है. प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था कर नागरिकों को राहत प्रदान करे. एक स्थानीय बुद्धिजीवी ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और गरिमा से जुड़ा है. जिला और नगर निगम प्रशासन की ओर से ठोस पहल की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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