bhagalpur news. सिल्क सिटी में एमएसएमई की अपार संभावनाएं, अब तक नहीं खुला कार्यालय

सिल्क सिटी भागलपुर में रेशम उद्योग, कृषि-आधारित प्रसंकरण, हस्तशिल्प और लघु विनिर्माण इकाइयों के माध्यम से एमएसएमई अर्थात सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम की अपार संभावनाएं हैं
दीपक राव, भागलपुर सिल्क सिटी भागलपुर में रेशम उद्योग, कृषि-आधारित प्रसंकरण, हस्तशिल्प और लघु विनिर्माण इकाइयों के माध्यम से एमएसएमई अर्थात सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम की अपार संभावनाएं हैं. दरअसल, भागलपुर प्रक्षेत्र में पारंपरिक उत्पाद, कच्चा माल के साथ श्रमिकों की उपलब्धता है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 2023 की शुरुआत में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई का स्थानीय शाखा कार्यालय खोलने की मंजूरी मिली थी, ताकि श्रमिकों का कौशल विकास के साथ नई तकनीक अपनाकर रोजगार व आर्थिक विकास के बड़े अवसर पा सकेंगे. तीन साल बीत जाने के बाद भी अब तक कार्यालय नहीं खुल पाया. जनवरी में 2023 तत्कालीन उद्योग मंत्री ने की थी घोषणा जनवरी 2023 में बिहार के तत्कालीन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने घोषणा की थी कि भागलपुर में एमएसएमई का कार्यालय जल्द ही खुलेगा. एक सप्ताह पहले भारत सरकार ने इसके लिए परमिशन दे दिया है. उन्होंने भारत सरकार को पत्र लिखा था कि बिहार इतना बड़ा है कि सिर्फ पटना में ऑफिस खोलने से बिहार में उद्योग धंधों का विस्तार नहीं हो सकता है. इसलिए भागलपुर में एमएसएमई का एक पूर्ण रुपेण कार्यालय खुलना चाहिए. इन औद्योगिक इकाइयों के लिए एमएसएमई बनेगा सहायक औद्योगिक सलाहकार सीए प्रदीप झुनझुनवाला ने बताया कि भागलपुर की प्रसिद्धि तसर सिल्क के कपड़े, लिनेन के कपड़े बनाने के लिए है. आधुनिक बुनाई तकनीक, डिजाइनिंग के साथ लघु उद्यम स्थापित करने की संभावना है. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आम, केला, अन्य फसल के लिए जूस, जैम, अचार, पैकिंग उद्योग भी संभावनाएं काफी है. इसके अलावा चमड़ा उद्योग, मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग और जूट से बने उत्पादों के लिए स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देकर छोटे उद्यम शुरू किए जा सकते हैं. छोटे पैमाने पर कृषि उपकरण और लघु मशीनरी विनिर्माण इकाई खोले जा सकते हैं. इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि रोजगार और आमदनी में बढ़ोतरी के साथ एमएसएमइ क्षेत्र लोगों की आय बढ़ाने, जीवन स्तर उठाने और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है. देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई सेक्टर राष्ट्रीय आर्थिकी अवसंरचना की रीढ़ है. यह वैश्विक आर्थिक झटकों और प्रतिकूलताओं से उबरने के लिए आर्थिकी को लचीलापन प्रदान करता है. महामारी की सर्वाधिक मार झेलने वाले इस क्षेत्र को तात्कालिक तौर राहत की जरूरत है. छोटी इकाइयों को नियमन के बोझ से राहत देने और वित्तीय सहायता से नयी ऊर्जा आयेगी. पिछले साल जिला उद्योग केंद्र की जीएम से जिला प्रशासन ने मांगा था प्रस्ताव जिला उद्योग केंद्र की जीएम खुशबू कुमारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने पिछले साल नवंबर माह में मौखिक प्रस्ताव मांगा था कि एमएसएमई का कार्यालय खोलने के लिए कौन सी जगह उपयुक्त होगी. उन्होंने जीरो माइल स्थित रेशम भवन में कार्यालय खोलने के लिए उपयुक्त बताया था. फिर रेशम भवन के तीसरे तल पर कार्यालय खोलने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है. हालांकि, अबतक इसे लेकर उद्योग विभाग के स्थानीय पदाधिकारी व कर्मचारी को कोई जानकारी नहीं है. कार्यालय खुलने से छोटे व मंझोले उद्यमियों को मिलेगा लाभ भागलपुर में एमएसएमई कार्यालय खुलने से अंग क्षेत्र में खासकर पूर्वी बिहार समेत प्रदेशभर में भागलपुर एक बार फिर औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित हो जायेगा. छोटे व मंझोले उद्यम को बढ़ावा मिलेगा और यहां के लोगों के बीच रोजगार धंधा विकसित होंगे और बड़े पैमाने पर श्रमिकों का महानगरों की ओर पलायन रूकेगा. एमएसएमई के तहत ऋण लेकर उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया लंबी और जटिल है. ऋण स्वीकृति, आवेदन में संशोधन, दस्तावेजी त्रुटियों और तकनीकी आपत्तियों के समाधान के लिए उद्यमियों को बार-बार प्रदेश की राजधानी पटना का चक्कर उद्यमियों को नहीं लगाना होगा. रेशम भवन में कार्यालय खुलने के बाद एमएसएमई पंजीकरण, ऋण आवेदन, फाइल संशोधन, सब्सिडी से संबंधित जानकारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का मार्गदर्शन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा.
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