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Bhagalpur news जलीय जीव व पर्यावरण के लिए प्रतिकूल है पीओपी से बनी प्रतिमाएं

Updated at : 14 Jan 2025 12:15 AM (IST)
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Bhagalpur news जलीय जीव व पर्यावरण के लिए प्रतिकूल है पीओपी से बनी प्रतिमाएं

सरस्वती पूजा को लेकर प्रतिमा का निर्माण की तैयारी जोर शोर से चल रही है

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नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र में सरस्वती पूजा को लेकर प्रतिमा का निर्माण की तैयारी जोर शोर से चल रही है. हर वर्ष पारंपरिक रूप से मिट्टी की प्रतिमा बनायी जाती रही है. इसबार भी बनायी जा रही, लेकिन मधुरापुर बाजार को एनएच से जोड़नेवाली मुख्य सड़क के किनारे प्लास्टर ऑफ पेरिस ( पीओपी ) से बनी प्रतिमा का निर्माण पहली बार हो रहा है. राजस्थान के मूर्तिकार ने बताया यहां पीओपी की प्रतिमा साढ़े चार हजार से 12-13 हजार में उपलब्ध है. ठीक उसी के बगल में मधुरापुर के मूर्तिकार छतरी पंडित ने बताया कि हमारे यहां न्यूनतम पांच सौ से लेकर अधिकतम 10 हजार तक कि मिट्टी की प्रतिमा बिकती है. गंगा जहाज घाट में दो दर्जन से अधिक प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे मूर्तिकार सुधांशु पोद्दार का कहना है यहां दो हजार से 25 से 30 हजार तक की प्रतिमा प्रति वर्ष बिक्री की जाती है. नारायणपुर गांव के मूर्तिकार राजू रजक व इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि हमलोग प्रत्येक वर्ष प्रतिमा का निर्माण कर उचित दामों में बिक्री करते है. सरस्वती पूजा सह बसंत पंचमी इस बार दो फरवरी को होगा. युवा वर्ग अभी से तैयारी में जुट गये हैं. भवानीपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि जहां भी प्रतिमा बैठायी जायेगी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. क्षेत्र में पीओपी की प्रतिमा बनाने पर समाजसेवी डाॅ सुभाष कुमार विद्यार्थी ने बताया कि पीओपी जिप्सम को गर्म कर बनाया जाता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चिकित्सक टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए प्लास्टर के रूप में करते हैं. कारीगर लोग पक्का घर में साज-सज्जा एवं आकर्षक नक्काशी के लिए करते हैं. बदलते परिवेश में इसका प्रयोग मूर्ति निर्माण में भी होने लगा. जिस मूर्ति को स्थाई रूप से मंदिरों में रखा जाए तो वह ठीक है, लेकिन ऐसी मूर्ति जिसको पूजा कर पानी में विसर्जित किया जाय वह ठीक नहीं है. प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति की पेंटिंग केमिकल युक्त रंगों से की जाती है. विसर्जन करने पर केमिकल युक्त रंग से जलीय जीवों व मानवों के लिए खतरनाक होता है. पर्यावरण के प्रति गंभीर संकट उत्पन्न करता है. इस तरह की मूर्ति निर्माण पर केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड सख्त पाबंदी लगायी है. इस निर्देश के आलोक मेंं पिछले वर्ष से ही भागलपुर में बन रही पीओपी की प्रतिमा पर जनहित व पर्यावरण हित में रोक लगा दी गयी है. स्थानीय प्रशासन को जलीय जीव व पर्यावरण हित में इसे प्रशासनिक स्तर पर अविलंब रोकने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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