बैराज से पानी छोड़ने को लेकर एसडीओ कोसी के तटवर्ती इलाकों का लिया जायजा

कोसी नदी में पानी छोड़ने को लेकर नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ऋतुराज प्रताप सिंह ने कोसी नदी के तटवर्टी इलाकों का जायजा लिया.
बैराज से कोसी नदी में पानी छोड़ने को लेकर नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ऋतुराज प्रताप सिंह ने कोसी नदी के तटवर्टी इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि खरीक प्रखंड के चोरहर बांध पर कोसी नदी के दबाव को लेकर बांध की सुरक्षा को लेकर कार्य किये जा रहें हैं. कोसी नदी के तटवर्ती इलाकों में माइकिंग करवाई गई है कि कोई भी बांध के आस पास नहीं रहे. पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गयी है. आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम को सतर्क किया है. उनसे भी मदद ली जा सकती हैं. कोसी नदी के किनारे सधुआ चापर गांव के लोगों को सतर्क किया गया. नवगछिया अनुमंडल कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं. प्रत्येक दो घंटे पर मोबाइल फोन पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र व सामुदायिक किचन से सूचना मंगवायी जा रही हैं. जल संसाधन के विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया गया कि रविवार की शाम से बाढ़ का पानी बढ़ना शुरू हो जायेगा. सोमवार को बाढ़ का पानी अधिक होगा. एक से सवा मीटर बाढ़ का पानी बढ़ने का आसार है. नदी किनारे गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश करने का खतरा हैं. कोसी नदी पर नगरपारा तटबंध व चोरहर तटबंध पर हम लोग मैटेरियल रखवाये हैं. जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करेंगे.
गंडक व कोसी बराज से पानी छोड़ने से बढ़ सकती है परेशानी
गंगा के जलस्तर में गिरावट से लोगों ने एक बार फिर राहत की सांस ली है, परंतु गंडक और कोसी नदी पर बने बराज से पानी छोड़ने की खबर ने एक बार फिर लोगों की नींद हराम कर दी है. बीते कुछ दिनों से गंगा के जल स्तर में उतार-चढ़ाव से आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. लोग अपने घरों से विस्थापित होकर ऊंचे स्थानों पर महीनों से डेरा डाले हैं. गंगा के जलस्तर में गिरावट से लोगों के घर वापस लौटने की उम्मीद जगी थी, परंतु नेपाल से पानी छोड़ने की खबर ने उनकी आशा पर पानी फेर दिया है.क्या गंगा के बाद कोशी करेगी तांडव
बाढ़ प्रभावित लोगों में नेपाल से पानी छोड़ने की खबर चर्चा का विषय बना है. सभी लोग यही बात करते दिख रहे हैं कि क्या गंगा के बाद अब कोसी अपना उग्र रूप दिखायेगी. बीते कुछ वर्षों से गंगा और कोसी ने नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर, इस्माइलपुर, रंगरा और नवगछिया इन प्रखंडों के कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है. कटाव का दंश झेलते तीनटंगा दियारा उत्तरी और दक्षिणी पंचायत, गोपालपुर प्रखंड के नवटोलिया और बोचही, सैदपुर, बीरनगर, करारी, एजमाबाद, शेरमारी, पकड़ा गांव सहित रंगरा प्रखंड के तीनटंगा दियारा उत्तरी और दक्षिणी पंचायत, मदरौनी पंचायत, सधुआ चापर पंचायत और कोशकिपुर पंचायत का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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