ऑफलाइन भू-लगान रसीद को नहीं मिलेगी मान्यता
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 27 Apr 2024 9:17 PM
भू-लगान का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जायेगा. गत वित्तीय वर्षों का ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत किया जाना और न्यायालय में लंबित भूमि विवाद से संबंधित भूमि का ऑफलाइन लगान रसीद निर्गत किया जाना नियम संगत नहीं है.
भागलपुर. जमीन की ऑफलाइन भू-लगान रसीद को मान्यता नहीं मिलेगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऑफलाइन भू-लगान रसीद को नियम के दायरे से बाहर कर दिया है. विभाग को यह जानकारी मिली है कि कुछेक अंचलों में गत वित्तीय वर्षों का ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत किया जा रहा है, जबकि विभाग ने यह निर्देशित किया है कि भू-लगान का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जायेगा. गत वित्तीय वर्षों का ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत किया जाना और न्यायालय में लंबित भूमि विवाद से संबंधित भूमि का ऑफलाइन लगान रसीद निर्गत किया जाना नियम संगत नहीं है. इससे भू-विवाद की समस्या उत्पन्न हो रही है. विभाग ने यह निर्णय लिया है कि डीएम अपने जिले के सभी अंचलों का स्वयं या सक्षम पदाधिकारी से निरीक्षण करायेंगे. निरीक्षण करनेवाले पदाधिकारी को यह निर्देश देंगे कि अंचल स्तर पर ऑफलाइन भू-लगान रसीद को एकत्रित कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित स्थान पर रखने की कार्रवाई करेंगे. साथ ही एकत्रित किये गये ऑफलाइन भू-लगान रसीद की सूची विभाग को उपलब्ध करायेंगे. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत करने पर अविलंब रोक लगायें. निर्देश की अवहेलना कर ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत करनेवाले कर्मचारी व पदाधिकारी को चिह्नित करते हुए उन पर अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी.
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