bhagalpur news. न्यू एजुकेशन पॉलिसी उन्नत बिहार का संकल्प, खुलेगा रोजगार का दरवाजा

सूबे के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक सह पीएम उषा के उपाध्यक्ष डॉ एनके अग्रवाल ने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी 2020) उन्नत बिहार का संकल्प है. आने वाले दिनों में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार का भी दरवाजा खोलगा
सूबे के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक सह पीएम उषा के उपाध्यक्ष डॉ एनके अग्रवाल ने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी 2020) उन्नत बिहार का संकल्प है. आने वाले दिनों में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार का भी दरवाजा खोलगा. वे शनिवार को मारवाड़ी कॉलेज में आयोजित एक सेमिनार में कही. कहा कि प्रधानमंत्री की जो परिकल्पना है, वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिलक्षित होती है. कहा कि समय बहुत तेजी से बदल रहा है और बदलते समय में कैसे हुनरमंद लोगों की आवश्यकता होगी. उसे देखते हुए इस शिक्षा नीति को बहुविषयक एवं बहुआयामी बनाया गया है, ताकि 2047 में योग्य, कुशल व परिश्रमी नागरिक बने. कहा कि विकसित भारत को बनाने में छात्रों शिक्षकों की अहम भूमिका होगी. बिहार के नये सीबीसीएस पाठ्यक्रम को बनाने में यूजीसी के सभी मानकों का ध्यान रखा गया है. इस अवसर पर छात्र राहुल व छात्रा रीतिका ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर स्वागत किया. मौके पर प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा, टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ दीपो महतो, टीएनबी कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो एसएन पांडे, प्रो एके दत्ता, सीसीडीसी डॉ एसी घोष, डॉ आशीष कुमार मिश्रा, डॉ श्वेता, डॉ संगीत कुमार, डॉ अक्षय रंजन, प्रो ब्रज भूषण तिवारी, प्रो प्रतिभा राजहंस, डॉ प्रमिला कुमारी, डॉ सुपेंद्र यादव, डॉ प्रभात कुमार, डॉ रवि, डॉ विजय कुमार, डॉ सिमरन भारती, डॉ सुरभि, डॉ शुभेंदु मैत्री, डॉ संजय जायसवाल आदि मौजूद थे. संचालन डॉ स्वास्तिका दास ने किया. 75 फीसदी मार्क्स थर्ड ईयर तक लाने वाले को मिलेगा फोर्थ ईयर में प्रवेश
निदेशक ने कहा कि 75 फीसदी मार्क्स थर्ड ईयर तक लाने वाले को फोर्थ ईयर में प्रवेश मिलेगा. उन्हें ऑनर्स विथ रिसर्च की डिग्री मिलेगी. वहीं, सामाजिक पारिवारिक या आर्थिक कारणों से कोई अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देता है, तो उसने जितनी पढ़ाई की होगी, उसको भी डिग्री दी जायेगी. एक साल में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा, तीन साल में डिग्री व चार साल में ऑनर्स विथ रिसर्च की डिग्री मिलेगी. कहा कि कोई बीच में पढ़ाई छोड़ देता है, तो बाद में उसी जगह से दोबारा पढ़ाई शुरू कर सकता है. राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप, फैलोशिप, शिक्षा के लिए कम से कम फीस रखा है. इससे छात्र-छात्राओं का बहुमुखी विकास होगा.छात्रों की समस्या से कराया अवगत
कॉलेज के प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा ने निदेशक ने कॉलेज के लिए एक नया पुरुष छात्रावास एवं एक ऑडोटोरियम बनाने के प्रपोजल को स्वीकृत करने की सहमति प्रदान की है. इसके अलावा अन्य प्रस्तावों पर भी जल्द सहमति मिल जायेगी. प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति का समग्र विकास हो.
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