निदेशालय की अनुमति मिलने पर हवाई अड्डा के लिए 408 एकड़ निजी जमीन का होगा अर्जन

Updated at : 08 Jun 2024 9:50 PM (IST)
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निदेशालय की अनुमति मिलने पर हवाई अड्डा के लिए 408 एकड़ निजी जमीन का होगा अर्जन

भागलपुर में हवाई अड्डा निर्माण की प्रक्रिया गत पांच फरवरी को सिविल विमानन निदेशालय का निर्देश आने के बाद से चल रही है. इसी कड़ी में शनिवार को जिला राजस्व शाखा ने निदेशालय के निदेशक संचालन को हवाई अड्डा की जमीन का प्रस्ताव भेजा. गोराडीह में कुल 692.43 एकड़ जमीन में हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें वर्तमान में सरकारी भूमि 284.43 एकड़ है, जबकि रैयती (निजी) भूमि 408 एकड़ शामिल है.

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भागलपुर में हवाई अड्डा निर्माण की प्रक्रिया गत पांच फरवरी को सिविल विमानन निदेशालय का निर्देश आने के बाद से चल रही है. इसी कड़ी में शनिवार को जिला राजस्व शाखा ने निदेशालय के निदेशक संचालन को हवाई अड्डा की जमीन का प्रस्ताव भेजा. गोराडीह में कुल 692.43 एकड़ जमीन में हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें वर्तमान में सरकारी भूमि 284.43 एकड़ है, जबकि रैयती (निजी) भूमि 408 एकड़ शामिल है. जमीन का अर्जन तभी शुरू होगा, जब निदेशालय की अनुमति मिलेगी. अगर हवाई अड्डा इस जमीन पर बनता है, तो भागलपुर-गोराडीह सड़क इसका मुख्य मार्ग होगा.

भागलपुर जिले में हवाई सेवा शुरू करने की मांग वर्षों से हो रही है. विधायक पवन कुमार यादव ने भागलपुर जिला में हवाई अड्डा निर्माण की मांग रखी थी. इस पर हवाई अड्डा निर्माण किये जाने के लिए मंत्री ने सरकारी आश्वासन दिया था, जिस पर 31.03.2023 को गैरसरकारी संकल्प जारी किया गया था. सरकार के स्तर से इन कार्रवाईयों के बाद सिविल विमानन निदेशालय के निदेशक निशीथ वर्मा ने डीएम को गत 05.02.2023 को आवश्यक पत्र भेज कर 475 एकड़ भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था. इसकी सूचना बिहार विधानसभा के उपसचिव को भी दी गयी थी. इसके साथ ही जिला प्रशासन के स्तर से भूमि चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू की गयी थी.

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तीन मौजे की जमीन चिह्नित

1. सरकार अमानत

2. खरवा

3. चौमुख

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हवाई सेवा शुरू होने से कई लाभ होंगे

—भागलपुर जिला रेशम उद्योग के मामले में दुनिया भर में जाना जाता है. इस उद्योग को काफी सहयोग मिलना शुरू हो जायेगा.

—जिले में हवाई सेवा नहीं रहने से बड़े डॉक्टर आने से कतराते हैं, लेकिन सेवा मिलने से यहां बड़े-बड़े अस्पताल भी खुलेंगे.

—खास कर व्यवसायी वर्ग को बड़ा लाभ होगा, जिनका कारोबार विभिन्न मेट्रोपोलिटन सिटी या अन्य राज्यों से जुड़ा हुआ है.

—वर्तमान में नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा, देवघर व पटना में है. यहां जाने की परेशानी आमलोगों की भी दूर हो जायेगी.

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जल्द ही हवाई अड्डा बन जायेगा, यह जरूरी नहीं

गोराडीह में जल्द ही हवाई अड्डा का निर्माण शुरू हो जायेगा, यह जरूरी नहीं है. इसकी वजह यह है कि अभी इसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन चिह्नित की है. यह जमीन हवाई अड्डा के लिए तकनीकी ढंग से उपयोगी है या नहीं, इसकी जांच होनी बाकी है. इसी जमीन पर हवाई अड्डा का निर्माण होगा, इस पर अंतिम मुहर लगने में कई प्रक्रियाएं अपनायी जायेंगी. यह भी हो सकता है कि यह जमीन मानक पर खरा नहीं उतरे और फिर दूसरी जगह जमीन चिह्नित की जाये. इस बात को विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय की जमीन के उदाहरण से समझते हैं. इस प्रस्तावित विश्वविद्यालय को बनाने की घोषणा केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में की थी और अब तक शिक्षा विभाग में जिला प्रशासन द्वारा कई जमीन का कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है. लेकिन अब तक यह ठंडे बस्ते में है.

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