झारखंड में चैरिटेबल संस्थानों को जमीन आवंटन के नियम सख्त, 3 साल पुराना रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

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Jharkhand Land Lease Rules

झारखंड सरकार ने चैरिटेबल और गैर-लाभकारी संस्थानों के जमीन लेने के नियमों में किया बदलाव, Pic Credit- AI, Only for Symbolism

Jharkhand Land Lease Rules: झारखंड सरकार ने चैरिटेबल और गैर-लाभकारी संस्थानों को रियायती दर पर सरकारी जमीन आवंटन के नियम कड़े कर दिए हैं. अब शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जमीन लेने हेतु 3 साल पुराना रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

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रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट

Jharkhand Land Lease Rules, रांची: झारखंड सरकार ने गैर-लाभकारी और चैरिटेबल संस्थानों (NGOs, ट्रस्ट और सोसाइटी) को रियायती दर पर सरकारी जमीन लीज पर देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब राज्य में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकारी जमीन लेने की इच्छुक संस्थाओं के लिए कम से कम तीन साल पुराना रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य कर दिया गया है. कैबिनेट की बैठक में मुहर लगने के बाद राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य जमीन आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और केवल वास्तविक व अनुभवी संस्थानों को ही लाभ देना है.

आवेदन के लिए ये शर्तें होंगी अनिवार्य

  • आवेदन करने वाली किसी भी संस्था, सोसाइटी या ट्रस्ट का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) आवेदन की तिथि से कम से कम 3 वर्ष पूर्व का होना चाहिए.
  • यह निबंधन ‘इंडियन ट्रस्ट एक्ट 1882’, ‘सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860’ या ‘कंपनी एक्ट 2013’ के तहत होना अनिवार्य है.
  • वैसे संस्थान जो ‘कंपनी एक्ट 1956 की धारा 25’ या ‘चैरिटेबल एंड रिलिजिअस ट्रस्ट एक्ट 1920’ के तहत आवेदन से तीन वर्ष पहले से निबंधित हैं, उन्हें ही इस योजना के पात्र माना जायेगा.

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आयकर अधिनियम के तहत तय होगी चैरिटेबल की परिभाषा

सरकार ने नए नियमों में चैरिटेबल संस्थानों और उनके उद्देश्यों की परिभाषा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. अधिसूचना के अनुसार, अब चैरिटेबल उद्देश्य की परिभाषा इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 2(15) के अनुरूप तय की जाएगी.

तत्काल प्रभाव से नया नियम लागू

विभाग के संयुक्त सचिव कमलाकांत गुप्ता के हस्ताक्षर से जारी यह नया आदेश राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे पूर्व 24 नवंबर 2023 को जारी की गई मूल अधिसूचना और मार्च 2024 में जारी किए गए शुद्धि-पत्र के अन्य सभी प्रावधान पहले की तरह ही यथावत लागू रहेंगे.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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