Koderma: जेजे कॉलेज को दूसरे विश्वविद्यालय में हस्तांतरित करने का विरोध

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 28 May 2026 7:39 PM

विज्ञापन

जेजे कॉलेज

Koderma: जेजे कॉलेज को दूसरे विश्वविद्यालय में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव के खिलाफ कोडरमा में विरोध बढ़ता जा रहा है. छात्रों और शिक्षकों ने फैसले पर नाराजगी जताई. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

विज्ञापन

Koderma: जिले के एकमात्र अंगीभूत जेजे कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से अलग कर गिरिडीह के सर जेसी बोस विश्वविद्यालय से जोड़ने की तैयारी का विरोध शुरू हो गया है. इस मामले को लेकर विभिन्न संगठन व लोग खुलकर सामने आ रहे हैं. कॉलेज को गिरिडीह में नये विवि से जोड़ने की तैयारी के विरोध में 29 मई को जेजे कॉलेज में जुटान कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है. इस जुटान के माध्यम से आगे विरोध की रणनीति तैयार की जाएगी. इस पूरे प्रकरण में लोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश जता रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुखर रहते तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती.

हजारीबाग आना-जाना है आसान

लोगों की मानें तो कोडरमा से हजारीबाग की दूरी कम है. साथ ही हजारीबाग आना-जाना सभी के लिए सुलभ है, जबकि गिरिडीह की दूरी ज्यादा व वहां आना-जाना भी हजारीबाग की तरह आसान नहीं है. ऐसे में भविष्य में छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. लोग इसी की वजह से विरोध कर रहे हैं. बता दें कि गत वर्ष भी इस तरह की खबर सामने आई थी कि जेजे कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों को गिरिडीह में प्रस्तावित जेसी बोस विश्वविद्यालय में शामिल करने की तैयारी है. वर्तमान में इसको लेकर गजट निकाले जाने की बात सामने आई है.

गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर पड़ेगा सीधा असर

इधर, जेजे कॉलेज को गिरिडीह के प्रस्तावित विवि में शामिल करने के विरोध में शिक्षाविद राम रतन अवध्या ने विरोध जताया है. साथ ही इसको लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व अन्य को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. पत्र के माध्यम से उन्होंने आग्रह किया है कि छात्रहित व जनहित को देखते हुए महाविद्यालय को वर्तमान विश्वविद्यालय के अंतर्गत ही यथावत रखा जाए़ यदि जगन्नाथ जैन महाविद्यालय को गिरिडीह विश्वविद्यालय के अंतर्गत कर दिया जाता है, तो इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव गरीब, ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर पड़ेगा.

70 किलोमीटर बढ़ जाएगी दूरी

वर्तमान व्यवस्था की तुलना में लगभग 70 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी बढ़ जाएगी, जिससे छात्र-छात्राओं को अत्यधिक आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. कोडरमा एवं आसपास के अधिकांश ग्रामीण परिवार सीमित आय, मजदूरी अथवा छोटे व्यवसाय पर निर्भर हैं. ऐसे परिवार पहले से कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिला रहे हैं. दूरी बढ़ने से यात्रा व्यय, आवास, खान-पान एवं अन्य खर्चों में भारी वृद्धि होगी, जिसे वहन कर पाना हजारों परिवारों के लिए लगभग असंभव हो जाएगा.

सभी संगठनों से एकजुट होने का आग्रह

बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को विवश हो सकते हैं. इससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति निराशा एवं हतोत्साह का वातावरण उत्पन्न होगा. जगन्नाथ जैन महाविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि कोडरमा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के सपनों, संघर्षों और भविष्य का आधार है. ऐसे में बिना जनभावनाओं एवं छात्रहितों को ध्यान में रखे लिया गया कोई भी निर्णय सामाजिक न्याय एवं शिक्षा के अधिकार की भावना के विपरीत होगा. अवध्या ने इस पूरे मामले पर सभी संगठनों, राजनीतिक दलों व अन्य को एक मंच पर आकर विरोध जताने का आग्रह किया है.

29 मई को बुलाई गई है बैठक

प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक जगन्नाथ जैन कॉलेज (जेजे कॉलेज) समेत जिले भर के अन्य महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से अलग कर गिरिडीह में नवनिर्मित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने के राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन के खिलाफ छात्रों में भारी आक्रोश है. सरकार के इस अव्यवहारिक और छात्र विरोधी फैसले के विरोध में जेजे कॉलेज बचाओ समिति कोडरमा” के बैनर तले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है. 29 मई को सुबह 11 बजे जेजे कॉलेज परिसर में जिले भर के छात्रों और छात्र आंदोलन के समर्थकों की बैठक बुलाई गई है. इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिले के तीन प्रमुख पूर्व छात्र नेताओं ने सरकार के इस गजट और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सीधे सवाल उठाए हैं.

यह फैसला तानाशाही

पूर्व छात्र नेता महेश भारती ने कहा कि राज्य में नए विश्वविद्यालयों का निर्माण होना चाहिए. शैक्षणिक स्थिति में सुधार का प्रयास स्वागत योग्य है, लेकिन इसके नाम पर कोडरमा के छात्रों पर आत्मघाती फैसले थोपना सरासर तानाशाही रवैया है. कोडरमा से गिरिडीह के लिए न तो यातायात की कोई सुगम व्यवस्था है और न ही सीधी कनेक्टिविटी. वहीं पूर्व छात्र नेता रवि पासवान ने कहा कि इतने संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर हमारे स्थानीय सांसद और विधायकों का रवैया अत्यंत उदासीन और निराशाजनक रहा है. शैक्षणिक मामलों में जनप्रतिनिधियों की इस खामोशी के कारण ही आज कोडरमा का छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहा है और आंदोलन के मूड में है. उनकी इस चुप्पी का जवाब अब छात्र ”इंकलाब” के नारों से देंगे. हमारी मांग है कि सरकार तुरंत इस गजट को वापस ले़ जेजे कॉलेज बचाओ समिति” ने जिले के सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे कोडरमा की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और अपनी बेटियों की सुगम शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए 29 मई को सुबह 11 बजे जेजे कॉलेज जरूर पहुंचें. यह लड़ाई दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कोडरमा के शैक्षणिक स्वाभिमान को बचाने की है.

ये भी पढ़ें…

पंचायत सहायक पर 50 हजार रिश्वत लेने का आरोप

डीसी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आइडी बनाकर ठगी की कोशिश

विज्ञापन
AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola