गिरिडीह के सरिता देवी को CM के निर्देश पर मिली मदद, प्रशासन उठाएगा बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा

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Hemant Soren

सरिता देवी को राशन उपलब्ध कराते हुए, Pic Credit- X Handle Giridih DC

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने तिसरी प्रखंड की सरिता देवी और उनके बच्चों को तत्काल सूखा राशन और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराई है. जांच में पता चला है कि उनके पति को पहले ही अबुआ आवास मिल चुका है.

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रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Hemant Soren, गिरिडीह : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तिसरी प्रखंड की सरिता देवी और उनके 3 मासूम बच्चों को तत्काल राहत पहुंचाई है. मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से यह जानकारी मिली थी कि सरिता देवी अपने बच्चों के साथ बेहद बदहाली और भुखमरी की स्थिति में जीवन जीने को मजबूर हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम ने गिरिडीह उपायुक्त (DC) को तुरंत सहायता प्रदान करने का कड़ा निर्देश दिया था.

सरकारी योजनाओं से जोड़े जाएंगे बच्चे

मुख्यमंत्री के आदेश के तुरंत बाद गिरिडीह डीसी ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को एक्शन लेने का निर्देश दिया. प्रशासन की टीम ने अविलंब सरिता देवी के पास पहुंचकर उन्हें और उनके परिवार को आपातकालीन सहायता के रूप में सूखा राशन उपलब्ध कराया. इसके साथ ही, जिला प्रशासन सरिता देवी के मासूम बच्चों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और उनके बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशील कदम उठा रहा है.

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जांच में सामने आई आवास की सच्चाई

शुरुआती तौर पर सरिता देवी को आवास विहीन (बिना घर के) बताया जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन की जांच में कुछ अलग तथ्य सामने आए हैं. डीसी ने स्पष्ट किया कि सरिता देवी (मायका – ग्राम लक्षमणिया, पंचायत सिंघो, तिसरी) के पति शक्ति यादव (पंचायत गुमगी, तिसरी) को सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ का लाभ पूर्व में ही दिया जा चुका है. ग्रामीणों और खुद लाभुक से मिली जानकारी के अनुसार, पत्नी वर्तमान में अपने ससुराल स्थित पति के पक्के मकान को छोड़कर अपने मायके के एक पुराने घर में रह रही हैं. स्थल जांच में यह भी पता चला है कि उनके मायके में उनकी दिवंगत मां स्वर्गीय पनवा देवी के नाम से पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) स्वीकृत है. इस योजना के तहत पहली किस्त की राशि की निकासी भी लाभुक परिवार द्वारा की जा चुकी है.

जमीन विवाद के कारण मायके में रह रही हैं सरिता

प्रशासनिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि सरिता देवी के मायके में रहने का मुख्य कारण उनके दिवंगत पिता के हिस्से की जमीन का विवाद है. वर्तमान में वे अपने मायके में रहकर अपने दिवंगत पिता की जमीन को रिश्तेदारों से वापस हासिल करने के लिए कानूनी व सामाजिक प्रयास कर रही हैं, जिसके कारण वे अपने पति का घर छोड़कर यहां अस्थाई रूप से रह रही हैं. बहरहाल, प्रशासन जमीन के मामले को देखने के साथ-साथ परिवार की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुट गया है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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