रातभर झाड़ियों में छिपे रहे कोबरा जवान, सुबह घर के बाहर से ऐसे दबोचा गया नक्सली रविंद्र गंझू

Updated:
विज्ञापन

रविंद्र गंझू को दबोचे जाने के समय की तस्वीर

कोबरा के जवानों ने रातभर झाड़ियों में छिपकर की निगरानी, और सुबह होते ही माओवादी रविंद्र गंझू को उसके घर के पास से दबोच लिया. उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था.

विज्ञापन

Ravindra Ganjhu Arrest: कुख्यात माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को सोमवार, 13 जुलाई की सुबह में गिरफ्तार कर लिया गया. उसे लातेहार के चंदवा की लाधूप पंचायत के बांझीटोला स्थित उसके घर के पास पकड़ा गया. उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर रविवार की रात से कोबरा के पांच जवान सादा लिबास में झाड़ियों में टकटकी लगाये बैठे थे. उन्होंने सुबह होते ही उसे घर के पास दौड़ा कर पकड़ लिया. रविंद्र प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में रीजनल कमांडर के पद पर है. उस पर सरकार ने 15 लाख और एनआइए ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था. उसके ठिकाने से एके-56, एक पिस्टल और एक कट्टा मिला है. पिछले दो वर्षों में सीआरपीएफ का यह पहला ऑपरेशन कामयाब रहा. 

आपके शहर में

विज्ञापन

ऐसे हुई गिरफ्तारी

ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी बड़े ही नाटकीय अंदाज में हुई. ना गोली चली और ना कोई खास मशक्कत करनी पड़ी. रविंद्र झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. सीआरपीएफ के खुफिया विंग को सूचना मिली थी कि रविंद्र अपने घर पर आया हुआ है. मौके पर रविंद्र गंझू खतरे का अंदेशा होने पर भागने लगा, जिसके बाद उसे जवानों ने दौड़ा कर पकड़ लिया. इसके बाद पहले से ही कुछ दूरी पर चार गाड़ियों में तैनात बैकअप जवान पहुंचे. फिर रविंद्र को साथ लेकर लातेहार चले गये. 

कई जिलों में फैला था नेटवर्क

रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा स्थित हेसला मौजा के बांझीटोला का रहनेवाला है. उस पर लातेहार, लोहरदगा और गुमला आदि जिलों में 55 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी से पलामू और रांची प्रमंडल में नक्सली लीडरशीप खत्म हो गयी है. लातेहार पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्र बताते हैं कि रविंद्र गंझू के अलावा भी दो और लोगों को पुलिस ने पकड़ा है. उनके भी माओवादी संगठन में संलिप्तता के बिंदु की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, रविंद्र हाइटेक इंटरसेप्टर का उपयोग कर पुलिस वालों के वायरलेस पर होने वाली बातचीत को सुन लेता था. वह एके-47 और एके-56 जैसे मारक क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल करता था.

गृह मंत्री की सभा के दिन मारे गये थे चार पुलिसकर्मी, उस कांड का मुख्य आरोपी है गंझू

22 नवंबर 2019 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चंदवा में सभा थी. उस दिन लातेहार जिले के चंदवा स्थित लुकुईया मोड़ के पास तैनात पुलिसकर्मियों पर रविंद्र गंझू और उसके दस्ते ने हमला कर दिया था. उसमे चार पुलिसकर्मी मारे गये थे. मामले में रविंद्र मुख्य आरोपी था. इसमें माओवादियों के ओवर ग्राउंड वर्कर सुनील गंझू, फगुना गंझू और बैजनाथ गंझू के भी नाम सामने आये थे. फगुना झाड़ियों में छिपकर पुलिस की रेकी कर रहा था, जबकि सुनील अपनी बाइक पर हमलावर दस्ते के दो शूटरों को बीरजांघा जंगल से लेकर वारदात की जगह तक आया था. इस सफल हमले और हथियारों की लूट से खुश होकर रविंद्र गंझू ने बोदा तालाब के पास अपने इन मददगारों को पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी बांटा था.

इस मामलों में एनआइए को थी रविंद्र गंझू की तलाश

माओवादी सेंट्रल कमेटी मेंबर सुधाकरण के सहयोगी गुमला निवासी प्रभु साव की निशानदेही पर लातेहार के गारू के रूप पंचायत क्षेत्र से हथियार व नक्सली साहित्य मिले थे. वहीं चंदवा के लुकुइया में चार पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी. फरवरी 2022 में लातेहार-लोहरदगा सीमा पर स्थित बुलबुल जंगल में ऑपरेशन डबल बुल के तहत बड़ी संख्या में हथियार मिले थे. उक्त मामलों में एनआइए को रविंद्र गंझू की तलाश थी. पूर्व में एनआइए ने रविंद्र गंझू के चंदवा के हेसला मौजा के बांझीटोला स्थित आवास को सील किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, रविंद्र ने उक्त घर लेवी के पैसे से बनाये थे.

पत्नी ने बताया : खेत जोतने की तैयारी में थे पति, तभी पकड़ लिया गया

रविंद्र गंझू की पत्नी ललिता देवी व अन्य परिजनों ने बताया कि पिछले करीब पांच-छह साल से वह संगठन से दूर थे. सोमवार की सुबह वह खेत जोतने की तैयारी में था. तभी घर के आगे व पीछे से चार गाड़ियों से दर्जनों लोगों ने घर को घेर लिया. यह देखकर वह भागने लगा. फिर उसे दौड़ा कर पकड़ा गया. पत्नी ने बताया कि कुछ लोग सिविल में थे. बाकी पुलिस की वर्दी में थे. चार गाड़ी से आये थे. उनके साथ एक बड़ा कुत्ता भी था. पकड़ने के बाद नये घर की तरफ से रविंद्र को ले जाया गया. रविंद्र की पत्नी ललिता देवी ने आरोप लगाया है कि उसकी गिरफ्तारी पुलिस ने की है. उसने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत करे. न्यायिक तौर पर सभी करवाई की जाये. पत्नी ने कहा कि उसने पूर्व में अपने पति को सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने नहीं किया था.

यह भी पढ़ें- स्कूल कैंपस में सर्पदंश मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, मुख्य सचिव से मांगा जवाब

यह भी पढ़ें- आईटीबीपी अधिकारी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत, एसीआर विवाद में आदेश रद्द


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola