Ranchi: इबोला का अलर्ट जारी, अफ्रीकी देशों से आनेवाले यात्रियों की रांची एयरपोर्ट पर होगी जांच
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 28 May 2026 8:17 PM
सांकेतिक तस्वीर AI Image
Ranchi: इबोला संक्रमण के खतरे को देखते हुए रांची एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...
राजेश झा
Ranchi: अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गयी है. एयरपोर्ट पर अफ्रीकी देशों से आनेवाले यात्रियों की विशेष स्वास्थ्य जांच की जायेगी. इसके लिए टर्मिनल बिल्डिंग के आगमन हॉल में विशेष जांच कक्ष बनाया गया है. वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टर्मिनल भवन के बाहर एंबुलेंस भी तैनात रहेगी. सिविल सर्जन प्रभात कुमार ने कहा कि जिन यात्रियों में इबोला के संदिग्ध लक्षण मिलेंगे, उन्हें 21 दिनों तक क्वारंटीन में रखा जायेगा.
एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ की गई बैठक
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट प्रबंधन, विभिन्न एयरलाइंस के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सीआइएसएफ जवानों के साथ बैठक की गयी है. बैठक में इबोला संक्रमण से बचाव और सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक के बाद एयरपोर्ट से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. सिविल सर्जन ने कहा कि इबोला को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन, एहतियात जरूरी है. उन्होंने बताया कि अफ्रीकी देशों कोंबो, युगांडा और सूडान में इस बीमारी के लक्षण मिले हैं. भारत में अभी तक इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं.
इबोला के प्रमुख लक्षण
सिविल सर्जन ने बताया कि इबोला एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है. यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैल सकती है. समय पर पहचान और सावधानी बेहद जरूरी है. संक्रमण के दो से 21 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखायी दे सकते हैं. सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते व गंभीर स्थिति में शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव.
कैसे फैलता है इबोला
सिविल सर्जन ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से, संक्रमित जानवरों के संपर्क से, संक्रमित कपड़े, बिस्तर या मेडिकल उपकरण छूने से यह फैलता है. यह बीमारी सामान्य हवा से फैलने वाली नहीं मानी जाती है.
क्या-क्या सावधानियां बरतें
- बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोयें.
- बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचें.
- मास्क और दस्ताने का उपयोग करें.
- बिना जांच के संक्रमित व्यक्ति के कपड़े या सामान न छूएं.
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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