Bihar Bhumi: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सोमवार को भागलपुर में जनता दरबार लगाकर जमीन से जुड़े मामलों की सुनवाई की. इस दौरान एक शिकायत पर वे काफी नाराज दिखे और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब लटकाने-भटकाने का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस बीच होम गार्ड के चयनित जवानों ने भी नियुक्ति की मांग को लेकर डिप्टी सीएम के सामने हंगामा किया.
एक्स आर्मी मैन की पीड़ा सुन भड़के विजय सिन्हा
जनता दरबार में खरीक उस्मानपुर वार्ड नंबर-1 से पहुंचे एक्स आर्मी मैन बिंदेश्वरी मंडल ने अपनी पीड़ा बताई. उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में उनके नाना का निधन हो गया था. इसके बाद नाना के भाई के बेटे अशोक मंडल, बौकू मंडल, शत्रुघ्न मंडल और मोहन मंडल उनकी साढ़े तीन डिसमिल आवासीय जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं. आरोप है कि जब भी वे म्यूटेशन कराने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है.
बिंदेश्वरी मंडल ने बताया कि वे पिछले 25 साल से न्याय के लिए दौड़ रहे हैं. नवगछिया के सीओ प्रवीण कुमार वत्स के पास तीन बार आवेदन लेकर गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक बार सीओ के सामने ही आरोपियों ने उन्हें थप्पड़ मार दिया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
15 दिन के अंदर मामले का समाधान करने का दिया निर्देश
इस शिकायत पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भड़क गए. उन्होंने सीओ को 15 दिन के अंदर मामले का समाधान करने का निर्देश दिया. साथ ही सख्त लहजे में पूछा कि नौकरी में कितने दिन बचे हैं और क्या उन्हें वीआरएस चाहिए. डिप्टी सीएम ने कहा कि सही लोगों की मदद में लापरवाही की गई तो यह बिल्कुल ठीक नहीं होगा.
‘लटकाओ-भटकाओ वाला रवैया अब नहीं चलेगा’
डिप्टी सीएम ने कहा कि लटकाओ-भटकाओ वाला रवैया अब नहीं चलेगा. कुछ दिन पहले सहरसा में भी भूमि सुधार जन संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अंचल अधिकारियों और सीओ को सख्त निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि धोखाधड़ी और 420 के मामलों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और हर अंचल से जनवरी में कम से कम दो मामलों में कार्रवाई शुरू की जाए.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 14 तारीख से पहले कार्रवाई जरूरी है, ताकि गलत काम करने वालों में डर पैदा हो और आम लोगों को न्याय मिल सके. डिप्टी सीएम ने कहा कि नई सरकार के साथ नई कार्यप्रणाली (Working System) लागू हो रही है और सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा. अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई तय है.

