बांस के पौधों की गुणवत्ता में सुधार, भागलपुर में जिनोमिक डीएनए टेस्ट से नई तकनीकी शुरुआत

Updated at : 07 Jan 2025 9:39 PM (IST)
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Bhagalpur News: भागलपुर में बांस की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन में एक नया और उन्नत कदम बढ़ाया गया है. अब बांस के पौधों के जन्म के समय ही उनकी जिनोमिक डीएनए टेस्ट की जाएगी, जिससे इन पौधों की गुणवत्ता में सुधार होगा.

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Bhagalpur News: भागलपुर में बांस की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन में एक नया और उन्नत कदम बढ़ाया गया है. अब बांस के पौधों के जन्म के समय ही उनकी जिनोमिक डीएनए टेस्ट की जाएगी, जिससे इन पौधों की गुणवत्ता में सुधार होगा. वन विभाग के सहयोग से TNB कॉलेज परिसर स्थित बम्बू प्लांट टीश्यू कल्चर लैब में जिनोमिक डीएनए आइसोलेशन व इम्प्लीफिकेशन उपकरण की व्यवस्था की गई है, जो बांस की गुणवत्ता में निखार लाएगा.

जिनोमिक डीएनए टेस्ट का महत्व

जिनोमिक डीएनए टेस्ट से बांस की प्रजातियों की अनुवांशिकी शुद्धता की जांच की जाएगी. इस प्रक्रिया में बांस के पौधों के उत्पादन के दौरान ही उनकी गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद, सबसे बेहतरीन गुण वाले पौधों का टीश्यू कल्चर तकनीक से उत्पादन किया जाएगा, जिससे बांस की गुणवत्ता में वृद्धि होगी.

उत्पादन में उपयोग की जाने वाली प्रमुख प्रजातियां

इस प्रयोगशाला में बम्बूसा बाल्कोआ, टुल्डा, नूटन, ब्रांडीसाइ और हेमिल्टोनाइ जैसी कई महत्वपूर्ण बांस प्रजातियों का उत्पादन हो रहा है. इन प्रजातियों का उपयोग एग्रो फोरेस्ट्री, इमारतों के निर्माण, कृषि उपकरणों, और बायो सीएनजी उत्पादन में किया जाता है. यह बांस के पौधे अब तक 13 एकड़ क्षेत्र में लगाए जा चुके हैं, और जल्द ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी भेजे जाएंगे.

बांस के विविध उपयोग और लाभ

बांस का उपयोग न केवल घरेलू सामान बनाने में किया जाता है, बल्कि यह कृषि, उद्योग, और पर्यावरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. बांस का कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में उच्च योगदान है और यह भूमि की उर्वरता को बढ़ाने में मदद करता है. वर्तमान में, केंद्र सरकार ने बांस से एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिया है, जो गन्ने से एथनॉल उत्पादन की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी साबित हो सकता है.

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बांस उत्पादन का भविष्य

बांस के उत्पादन में जिनोमिक डीएनए टेस्ट का जुड़ना, इसे न केवल अधिक लाभकारी बनाएगा बल्कि इसके विविध उपयोगों से किसानों और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा. यह कदम भागलपुर में बांस के उत्पादन को नए स्तर पर पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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