bhagalpur news. परिधि सृजन मेला में दिखी समावेशी संस्कृति की झलक

परिधि सृजन मेला में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती कवियों, संस्कृतिकर्मियों और कलाकारों ने अनोखे अंदाज में मनायी.
परिधि सृजन मेला में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती कवियों, संस्कृतिकर्मियों और कलाकारों ने अनोखे अंदाज में मनायी. इस अवसर पर न कोई राजनीतिक भाषण हुआ, न नारेबाजी, बल्कि काव्यात्मक और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल को महात्मा फुले जयंती से हुई थी. इसका समापन परिधि सृजन मेला में आंबेडकर जयंती के साथ किया गया. मेले में संगीत, नृत्य, नाटक, पेंटिंग और शिल्प कला के माध्यम से रूढ़ियों और अंधविश्वास के खिलाफ विचार प्रस्तुत किये गये. रवींद्र रंगमंच पर बिहार बंगाली समिति के कलाकारों ने बांग्ला और हिंदी गीतों एवं नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी. रवींद्र संगीत और देशभक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भावपूर्ण बना दिया. छोटी बच्चियों और वीणापाणि नृत्य संस्था के कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया. भागलपुर के कवियों ने पर्यावरण, सद्भाव और जीवन मूल्यों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत की. प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ, त्रिलोकी नाथ दिवाकर, राजकुमार, इकराम हुसैन शाद और डॉ अमृता प्रियंवद ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया. कार्यक्रम का समापन टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ दीपो महतो द्वारा कलाकारों को पुरस्कार वितरण करने के साथ हुआ.
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