गंगा में गिराया जा रहा मलबा
Updated at : 14 Feb 2024 8:11 PM (IST)
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विक्रमशिला सेतु. एक तरफ मरम्मत, दूसरी ओर फैलाया जा रहा प्रदूषण विक्रमशिला सेतु की मरम्मत कर रही कंपनी के मजदूर गिरा रहे सड़क से निकाली गयी अलकतरा वाली गिट्टी सुलतानगंज से कहलगांव तक डॉल्फिन अभयारण्य होने की वजह से प्रदूषण फैलाने पर है सख्त मनाही भागलपुर : विक्रमशिला सेतु की सड़क की मरम्मत में लगाये […]
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विक्रमशिला सेतु. एक तरफ मरम्मत, दूसरी ओर फैलाया जा रहा प्रदूषण
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत कर रही कंपनी के मजदूर गिरा रहे सड़क से निकाली गयी अलकतरा वाली गिट्टी
सुलतानगंज से कहलगांव तक डॉल्फिन अभयारण्य होने की वजह से प्रदूषण फैलाने पर है सख्त मनाही
भागलपुर : विक्रमशिला सेतु की सड़क की मरम्मत में लगाये गये मजदूर सड़क के मलबे को गंगा में चार दिनों से गिरा रहे हैं. इससे गंगा प्रदूषित हो रही है. रोहरा रीबिल्ड एसोसिएट द्वारा पुल की मरम्मती करायी जा रही है. एक तरफ गंगा नदी को बचाने के लिए देश स्तर पर प्रयास चल रहा है और दूसरी ओर पुल पर काम कर रही कंपनी बेपरवाह बनी हुई है. यही नहीं, सुलतानगंज से कहलगांव तक गंगा नदी का हिस्सा डॉल्फिन अभयारण्य होने के कारण यहां गंदगी फैलाने की सख्त मनाही है.
बावजूद इसके प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं है. मलबा गिराने से गंगा स्नान करनेवाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्नान कर रहे लोगों के सिर पर अचानक गंदगी गिर जाती है.
गंगा में गिराया…
पिछले कुछ दिनों से इस कंपनी द्वारा मशीन से सड़क उखाड़ी गयी आैर इससे निकले मलबे को पुल के पहुंच पथ के किनारे रखा जा रहा था. लेकिन पिछले दो-चार दिनों से इस मलबे और डस्ट को उठाकर कंपनी के मजदूर सीधेे गंगा नदी में गिरा रहे हैं. बुधवार को प्रभात खबर की टीम जब विक्रमशिला पुल पर पहुंची तो पाया कि मलबा को नदी में गिराया जा रहा है. वहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि मलबा फेंकने के लिए कुछ दूर चलना पड़ता है. इसी कारण गंगा नदी में गिरा रहे हैं. एक मजदूर ने कहा कि ठेकेदार के कहने पर बचे मलबे को गंगा नदी में गिरा रहे हैं.
शहर को छोड़ चुकी है गंगा
यह पहली बार देखने को मिल रहा है सड़क तोड़ने से निकले मलबे को गंगा नदी में गिराया जा रहा है. वह भी तब जब गंगा शहर को छोड़ दूर जा रही है. उसे नजदीक लाने, नदी किनारे साफ-सफाई रखने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. गंगा नदी में मलबा गिराने से पुल घाट के लोगों में काफी नाराजगी है. लोगों में आक्रोश भी बढ़ रहा है. लोगों ने कहा कि संवेदक नदी में सड़क का मलबा गिराना बंद करें. वैसे भी गंगा मइया हम लोगों से दूर होती जा रही है. लोगों ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
स्मार्ट सिटी में घाट के किनारे सौंदर्यीकरण की है योजना
गंगा में सड़क का मलबा सहित किसी भी तरह की गंदगी फैलाने की मनाही है. गंगा की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए स्मार्ट सिटी में योजना है. स्वच्छ भारत अभियान के तहत भी गंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कई योजनाएं लायी गयी हैं. गंदा पानी गंगा में नहीं गिरे, इसके लिए गंगा किनारे के सभी नालों के पास पानी को साफ करनेवाली मशीन लगायी जानी है.
कालीकरण का काम कल से
गुरुवार तक सेतु की सड़क को उखाड़ने का काम पूरा हो जायेगा और शुक्रवार को अलकतरा वाली सड़क का काम शुरू हो जायेगा. अलकतरा वाली सड़क बनने के बाद पुल के बॉल-बीयरिंग की मरम्मत का काम किया जायेगा.
गंगा के सूक्ष्म जीवों के लिए कोलतार जहर के समान
गंगा में कोलतार और गिट्टी के साथ इसके डस्ट को गिराना बहुत ही हानिकारक है. यह गाद से भी ज्यादा खराब है. यह गाद तो पानी में घुलेगा ही नहीं. कोलतार को गंगा में गिराना मनुष्य के साथ गंगा में पल रहे सूक्ष्म और बड़े जीवों के लिए जहर के समान है. इससे सूक्ष्म जीव खास कर मछलियों के जीवन को खतरा है.
चल रही नमामि गंगे परियोजना भी
नमामि गंगे केंद्र की मोदी सरकार की फ्लैगशिप योजना है. इस योजना के तहत गंगा नदी को समग्र तौर पर संरक्षित और स्वच्छ करने के कदम उठाये जाने हैं. इस पर पांच साल में 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जाने है.
नमामि गंगे के तहत नदी के प्रदूषण को कम करने पर पूरा जोर दिया जाना है. इसमें नालियों से बहनेवाले कचरे के शोधन और उसे नदी से दूसरी ओर मोड़ने जैसे कदम उठाये जाने हैं.
गंगा को बचाने का देश स्तर पर चल रहा प्रयास, फिर भी पुल मरम्मत कर रही कंपनी बेपरवाह
यह दुखद है कि गंगा की सफाई के लिए तमाम अभियान चल रहे हैं. ऐसे में सेतु की मरम्मत के दौरान उठाया जा रहा मलबा गंगा में नहीं फेंका जाना चाहिए. निश्चित तौर पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
अजय कुमार चौधरी, प्रमंडलीय आयुक्त
गंगा में मलबा फेंक कर प्रदूषण करने के आरोप में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उनके खिलाफ प्रदूषण के अधिनियम के तहत मामले दर्ज होंगे.
आदेश तितरमारे, डीएम
गंगा में मलबा नहीं गिराया जायेगा, बचे मलबे को ट्रैक्टर से उठाया जायेगा : गंगा नदी में सड़क का मलबा अगर मजदूर गिरा रहे हैं तो यह गलत कर रहे हैं. उन्हें गंगा में एक टुकड़ा भी गिराने का आदेश नहीं है. आज से मलबे को उठाने के लिए ट्रैक्टर लगाया जायेगा. अगर फिर से कोई मलबे गंगा में गिराते हैं तो उसे हटा दिया जायेगा.
धर्मेंद्र कुमार, जूनियर इंजीनियर, रोहरा रिबिल्ड एसोसिएट, मुंबई
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