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bhagalpur news. मुख्य बाजार की 90 फीसदी दुकानें रहीं बंद

Updated at : 09 Jul 2025 10:34 PM (IST)
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bhagalpur news. मुख्य बाजार की 90 फीसदी दुकानें रहीं बंद

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के विरोध में इंडिया-महागठबंधन की ओर से बुलायी गयी बिहार बंदी के तहत बुधवार को भागलपुर के मुख्य बाजार की 90 फीसदी दुकानें एहतियातन बंद रही.

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मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के विरोध में इंडिया-महागठबंधन की ओर से बुलायी गयी बिहार बंदी के तहत बुधवार को भागलपुर के मुख्य बाजार की 90 फीसदी दुकानें एहतियातन बंद रही. बंद समर्थकों ने घूम-घूमकर बाजार में नारेबाजी की और बंद की अपील की. इससे बाजार में सन्नाटा रहा. बाजार में दवा, भोजनालय व अन्य अति आवश्यक चीजों की दुकानें खुली रही. बंदी से बाजार का 30 करोड़ से अधिक काराेबार प्रभावित हुआ. दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. मुख्य बाजार में था सन्नाटा, खाली-खाली रहा मार्ग बाजार बंद होने से पूरी तरह सन्नाटा छा गया था. मार्ग भी खाली-खाली नजर आ रहा था. निजी स्कूलों में भी छुट्टी दे दी गयी थी. इससे बाजार क्षेत्र के चौक-चौराहे पर जाम नहीं लगा. किसी तरह के ठेला-रिक्शा भी नहीं चले. चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने बताया कि सामान्य तौर पर बाजार में एक दिन में 30 से 40 करोड़ का कारोबार होता है. अभी मंदी होने के कारण 30 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ. बाजार में बंदी होना चिंताजनक है. आंदोलन का तरीका बदलना चाहिए. दरअसल यह बंदी व्यापारियों के हित में नहीं, बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक है. इसलिए इस बंदी का समर्थन नहीं करते हैं. थोक दवा कारोबारी सह चेंबर सचिव प्रदीप जैन ने बताया कि गली के अंदर दवा की दुकान होने के कारण सामान्य दिनों में भी सीमित ग्राहक पहुंचते हैं. बंदी के दिन तो ग्राहक नहीं के बराबर पहुंचे. सर्राफा कारोबारी विजय साह ने बताया कि पहले से ही लगन का माैसम अभी नहीं है. बंदी के कारण दुकान नहीं खुली. टुकड़ों में बंटे थे बंद समर्थक बंद समर्थक टुकड़ों में बंटे थे. जुलूस कभी लोहिया पुल की ओर तो कभी घंटाघर से कहचरी, तो को भी स्टेशन चौक से मुख्य बाजार होते हुए काजवलीचक, तातारपुर क्षेत्र में निकाला गया. स्टेशन चौक रहा बंद समर्थका का केंद्र बंद समर्थकों का मुख्य केंद्र रेलवे स्टेशन चौक था. यहां अलग-अलग राजनीतिक व जन संगठन के नेता व कार्यकर्ता जमे हुए थे. इनमें राजद, कांग्रेस, माकपा, भाकपा, भाकपा माले, सामाजिक न्याय आंदोलन, बहुजन स्टूडेंट यूनियन आदि के नेता कार्यकर्ता बैनर, झंडे व स्लोगन लिखी तख्ती के साथ नारेबाजी कर रहे थे. डॉ आंबेडकर प्रतिमा गोलंबर पर प्रदर्शनकारियों के नेता बंदी के समर्थन में अपनी बात रख रहे थे. लगभग दोपहर एक बजे तक बंद समर्थक मुख्य बाजार की सड़कों व स्टेशन चौक पर जमे रहे. लोहिया पुल को डेढ़ घंटे तक रखा कब्जे में बंद समर्थकों ने सुबह नौ बजे लोहिया पुल के मध्य हिस्से में सड़क को जाम कर दिया. तीनों ओर से आने वाले वाहनों को रोक दिया. इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस व राजद के कार्यकर्ता शामिल थे. यहां पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी. इसमें जमशेदपुर, रांची से आने वाली बस भी फंसी रही. इतना ही नहीं पुलिस गाड़ी भी इसी जाम में फंसी रही. बाइकर्स भी इस जाम में हिल भी नहीं पा रहे थे. कई लोग रास्ता बदलकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गये. तीनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रही.

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