मोजाहिदपुर के कुतुबगंज में चाकूबाजी की घटना में हुई थी मौत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Sep 2018 3:45 AM
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भागलपुर : द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश की अदालत में सोमवार को अजय कुमार वर्मा हत्याकांड में दो आरोपितों वरुण राय और गंगा राय के खिलाफ सुनवाई हुई. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष को कहा था कि, यदि वे अपनी ओर से कोई जरूरी रूलिंग देना चाहते हैं तो दे सकते […]
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भागलपुर : द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश की अदालत में सोमवार को अजय कुमार वर्मा हत्याकांड में दो आरोपितों वरुण राय और गंगा राय के खिलाफ सुनवाई हुई.
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष को कहा था कि, यदि वे अपनी ओर से कोई जरूरी रूलिंग देना चाहते हैं तो दे सकते हैं. सुनवाई में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मामले में अपना पक्ष रखा. सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक ओम प्रकाश तिवारी ने जिरह में भाग लिया. न्यायालय ने बचाव पक्ष को सुनने के बाद उक्त मामले में 22 सितंबर को न्याय के बिंदु पर विचारण की तिथि दी है. इस मामले में हाइकोर्ट ने निचली अदालत को एक साल के अंदर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था.
मोजाहिदपुर के कुतुबगंज में हुई थी घटना. मोजाहिदपुर थानांतर्गत कुतुबगंज में 25 अप्रैल 2017 की शाम चार बजे अजय कुमार वर्मा को लड्डू राय के घर के बगल में वरुण राय ने चाकू से गोदकर जख्मी कर दिया था. अजय का भाई संजय वर्मा जब मौके पर गया, तो देखा कि उसका भाई जख्मी हालत में सीना पकड़ कर जैसे-तैसे भागकर घर आ रहा है. वहीं वरुण राय खून लगे चाकू लिए दूसरी दिशा में भाग रहा था. संजय वरुण का कुछ दूर पकड़ने के लिए पीछा भी किया, लेकिन वह भाग निकला. तब संजय अपने जख्मी भाई अजय को लेकर जेएलएनएमसीएच ले गया. जहां डॉक्टरों ने अजय वर्मा को मृत करार दिया. हत्या की साजिश में गंगा राय भी शामिल था. गंगा राय ही अजय को घर से बुलाकर साथ ले गया था.
12 हजार रुपये को लेकर हुआ था झगड़ा. मृत अजय वर्मा की मां इंदु देवी ने अदालत में बयान दर्ज कराते हुए कहा कि, आरोपित गंगा राय ने उसके बेटे अजय से 12 हजार रुपये उधार लिये थे. उसी पैसे की वापसी के लिए अजय तगादा कर रहा था. जिससे नाराज होकर साजिश के तहत बेटे की जान ले ली. गंगा अजय को घर से बुलाया और वरुण ने चाकू से गोद कर मार डाला था.
सात साल पुराने हत्या के मामले में आरोपित रिहा, गवाह मुकरे
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में सोमवार को सात साल पुराने हत्या के मामले में आरोपित मुकेश यादव को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया. ट्रायल के दौरान बनाये गये गवाह मुकर गये. मामले के अनुसार, बाथ थान के गांव बेलारी में नौ मार्च 2011 को उपेंद्र यादव अपनी पत्नी अरहुला देवी के साथ खेत पर गयी थी. यह खेत कैलाश साह व शिवलाल साह करते थे. दोपहर में उपेंद्र यादव लौट आया. मगर शाम चार बजे यह सूचना आयी कि खेत पर अरहुला देवी की लाश है. वहां जाने पर पता चला कि उसका तेजधार हथियार से हत्या हुई है. उपेंद्र यादव ने हत्या का मामला गांव के मुकेश यादव के खिलाफ कराया. इससे पूर्व मुकेश यादव ने उनकी पत्नी अरहुला देवी को डायन बताते हुए पीटा था. इसको लेकर वर्ष 2006 में मुकेश यादव के खिलाफ मारपीट का केस हुआ था.
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