नरकटियागंज. नरकटियागंज में नए साल के पहले सप्ताह का आगाज एक साथ चार मौतों के साथ हुआ है. एक सप्ताह के अंदर चार मौतों ने शहर से लेकर गांव को सिसिकयों के शोर में सिसकने को मजबुर कर दिया है. महज चार दिनों के भीतर चार जिंदगियां खत्म हो गईं. कहीं दहेज की भूख ने दो बेटियों की सांसें छीन लीं, कहीं डॉक्टर की लापरवाही ने एक मां को मौत की नींद सुला दिया, तो कहीं साजिशन हत्या ने एक युवक का भविष्य पेड़ से लटकी लाश में बदल दिया. हत्या को लेकर पूर्वी चपांरण के भिलाई थाना से लेकर शिकारपुर थाना में दर्ज एफआइआर उन मां बाप और परिवार की पीड़ा बयान कर रही है जिसमें अनगिनत दर्द छिपे हैं. ———– घटना एक : 31 दिसंबर * दहेज ने उजाड़ दिया राबड़ी का संसार साल के आखिरी दिन गोखुला गांव में 35 वर्षीय राबड़ी खातून की गला घोंटकर हत्या कर दी गई. वजह तीन लाख रुपये का दहेज. छह साल पहले उसकी शादी भेलाही थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव निवासी तबरेज देवान से हुई थी. शादी के बाद से ही राबड़ी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा. परिजनों का आरोप है कि उसे बासी रोटी दी जाती थी, उस पर भी डीजल छिड़क कर खाने को मजबूर किया जाता था. आखिरकार दहेज की भूख ने उसकी जान ले ली. राबड़ी के दो मासूम बच्चे पांच वर्षीय आर्यन और तीन वर्षीय आफिया अनाथ हो गए. आरोपी फरार हैं और वृद्ध पिता इस्लाम देवान अपने नाती-नातिन को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और न्याय की भीख मांग रहे हैं. ——- घटना दो : 5 जनवरी * अफसाना की चीखें दीवारों में दब गईं रूपवलिया गांव की 20 वर्षीय अफसाना खातून की भी गला घोंटकर हत्या कर दी गई. उसकी शादी 28 जून 2024 को पोखरिया गांव निवासी मंसफ अंसारी से हुई थी. शादी के बाद से ही पांच लाख रुपये की मांग शुरू हो गई. अफसाना को बेरहमी से प्रताड़ित किया जाता था. मौत के बाद उसके शरीर पर गहरे जख्मों के निशान मिले. सबसे दर्दनाक बात यह कि घटना से एक दिन पहले अफसाना ने फोन कर अपने मायके वालों को बताया था,मुझे मार दिया जाएगा. लेकिन कोई उसे बचा नहीं सका. ———— घटना तीन : 6 जनवरी * प्यार, बदनामी और खून की साजिश शिकारपुर थाना क्षेत्र के धोबहा गांव में युवक शहदमन गद्दी की हत्या कर उसका शव पेड़ से लटका दिया गया. पुलिस के अनुसार यह हत्या ऑनर और बदनामी की साजिश का नतीजा है. शहदमन का गांव की ही एक युवती से तीन साल से प्रेम प्रसंग था. युवती की शादी कहीं और तय होने के बाद शहदमन ने दोनों की तस्वीर वायरल कर दी. इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, दोनों रिश्ते में दादा और पोता है. एक का नाम बलदेव राम और वशिष्ठ राम है दोनों को जेल भेज दिया गया है. ———- घटना चार : 3 जनवरी * अस्पताल बना मौत का दरवाजा नरकटियागंज के एक निजी इमरजेंसी अस्पताल में डॉक्टर की कथित लापरवाही से प्रियंका देवी की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि बहला-फुसलाकर जबरन भर्ती कराया गया और बिना पर्याप्त जांच के सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया गया. तीन दिन तक होश नहीं आने पर रेफर किया गया, जहां प्रियंका की मौत हो गई. एक नवजात बच्ची ने जन्म तो लिया, लेकिन मां की गोद हमेशा के लिए सूनी रह गई.
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