मझौलिया . कृषि विज्ञान केंद्र मधोपुर केंद्र के तालाब में मखाना सह मछली पालन की खेती शुरू की गई है. इसकी जानकारी माधोपुर कृषि केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एव प्रधान डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ने देते हुए बताया कि इस नवाचार के लिए मखाना की सबसे उन्नत और लोकप्रिय किस्म ””””स्वर्ण वैदेही”””” का चयन किया गया है. उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र के तालाब में इस किस्म के बीजों का सफल बुवाई कार्य संपन्न हो चुका है. ””””स्वर्ण वैदेही”””” किस्म अपनी उच्च उत्पादन क्षमता और कम समय में तैयार होने की विशेषता के कारण वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की पहली पसंद बनी हुई है. उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन इकाई का मुख्य उद्देश्य जिले के किसानों को मखाना उत्पादन की आधुनिक तकनीक से अवगत कराना और उन्हें जागरूक करना है. जिले में प्रचुर मात्रा में तालाब और ””””चौर”””” एव जलजमाव वाले निचले इलाके मौजूद हैं. डॉ सिंह ने इस तकनीक के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मखाना और मछली पालन का यह एकीकृत मॉडल किसानों के लिए एक ””””वरदान”””” है. इसमें तालाब के जल का उपयोग मखाना उगाने के साथ-साथ मछली पालन के लिए भी किया जाता है. मखाना के पौधे तालाब के ऊपरी हिस्से में विकसित होते हैं, जबकि मछलियां पानी के निचले स्तर पर पलती हैं. इससे न केवल संसाधनों का कुशल प्रबंधन होता है, बल्कि खेती की लागत में भी भारी कमी आती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

