Shattila Ekadashi Remedies: हिंदू पंचांग के अनुसार षटतिला एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. इस बार यह पर्व 14 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और उन्हें तिल अर्पित किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि तिल में ऐसे गुण होते हैं, जो पापों का नाश करते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं. ऐसे में यदि इस दिन तिल से जुड़े कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो साधक के जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ता है और तरक्की के मार्ग खुलते हैं.
तिल से जुड़े विशेष उपाय
1. तिल से स्नान करें
मान्यता है कि एकादशी के दिन स्नान करते समय पानी में काले तिल मिलाकर नहाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पापों से मुक्ति मिलती है.
2. तिल का दान करें
षटतिला एकादशी के दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को तिल, तिल से बनी मिठाई या तिल का तेल दान करना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.
3. तिल का दीपक जलाएं
षटतिला एकादशी की पूजा के दिन शाम के समय भगवान विष्णु या माता लक्ष्मी के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.
4. तिल का सेवन करें
यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रही हैं, तो व्रत के दौरान तिल से बने लड्डू या तिलकुट का सेवन कर सकती हैं. इस दिन तिल का सेवन बेहद शुभ माना जाता है, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा में वृद्धि होती है.
5. तिल से हवन करें
यदि आप षटतिला एकादशी के दिन घर पर हवन करने की योजना बना रही हैं, तो हवन के दौरान तिल का प्रयोग अवश्य करें. माना जाता है कि अग्नि में तिल की आहुति देने से ग्रह दोष शांत होते हैं और कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.
6. तिल का उबटन लगाएं
इस दिन स्नान से पहले तिल के दानों का उबटन शरीर पर लगाना चाहिए. इससे रोगों और त्वचा संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है.
षटतिला एकादशी का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, षटतिला एकादशी का व्रत करने से दरिद्रता, रोग, मानसिक तनाव और ग्रह दोष दूर होते हैं. इस दिन तिल का दान, तिल से स्नान और तिल का सेवन अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. कहा जाता है कि तिल से किए गए छह प्रकार के कर्मों के कारण ही इस एकादशी को “षटतिला” कहा जाता है.
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