आज सब आए हैं, कल कितने लोग याद रखेंगे?... जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए JCO सुजीत की पत्नी ने क्या कहा...
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 07 May 2025 11:13 AM
Sujeet Last Funeral
Martyred JCO Sujeet Kumar: जम्मू-कश्मीर के रामबन में सेना के वाहन हादसे में शहीद हुए बेगूसराय के जेसीओ सुजीत कुमार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. तिरंगे में लिपटे सुजीत के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी, वहीं परिवार ने गर्व और आंसुओं के बीच उन्हें विदा किया.
Martyred JCO Sujeet Kumar: जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सेना के वाहन के खाई में गिरने से शहीद हुए बेगूसराय के अमरपुर निवासी जेसीओ सुजीत कुमार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. जब तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो हजारों लोगों की भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद अमर रहें’ के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी. हर आंख नम थी, लेकिन सुजीत की पत्नी सिंधु और तीनों बच्चों के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था.
सुजीत कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए बिहार सरकार के मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाया. हालांकि शहीद की पत्नी सिंधु का सवाल सीधा था- “आज सब आए हैं, कल कितने लोग याद रखेंगे?”
“सुजीत मेरे लिए सिर्फ पति नहीं, मेरी ताकत थे”
शहीद की पत्नी सिंधु ने कहा, “वो बहुत अच्छे इंसान थे, दुनिया के सबसे अच्छे. मुझे उन पर गर्व है. आज वे शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन मेरे मन और दिल में हमेशा रहेंगे. उनकी शहादत ने मुझे हिम्मत दी है.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उनके बच्चों को सिविल सर्विस की तैयारी के लिए मदद दी जाए. “मेरे पति के बाद अब मेरे बच्चे ही मेरी दुनिया हैं,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा.
बेटी संध्या का संकल्प- “एनडीए में अफसर बनकर दिखाऊंगी”
शहीद सुजीत की बेटी संध्या ने बताया कि उनके पापा हमेशा सेना की बातें करते थे. “उन्हें गर्व था कि मैं एनडीए जॉइन करना चाहती हूं. अब मैं पापा का सपना पूरा करूंगी. मैं एनडीए की तैयारी कर रही हूं और एक दिन सेना में अधिकारी बनूंगी.”

“फोन नहीं आया… तिरंगे में लिपटकर आ गए”
सुजीत कुमार ने 3 मई की सुबह अपने परिवार से बात की थी. पत्नी से कहा था, “पहुंचते ही फोन करूंगा.” लेकिन उस कॉल का इंतजार हमेशा के लिए अधूरा रह गया. रात होते-होते वह खबर आई, जिसने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी.
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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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