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घर का छप्पर गिरने से वृद्ध की मौत

Updated at : 08 Aug 2019 6:16 AM (IST)
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घर का छप्पर गिरने से वृद्ध की मौत

खोदावंदपुर : बुधवार को बरियारपुर पूर्वी पंचायत अंतर्गत पूर्वी टोल के वार्ड नंबर पांच निवासी 85 वर्षीय पुत्र रामदेव दास की मौत उसके अपने ही घर का छप्पर गिरने से हो गयी. इस हादसे में इसी गांव के ललित दास की 30 वर्षीया पत्नी रिंकू देवी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी, जिसका इलाज स्थानीय […]

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खोदावंदपुर : बुधवार को बरियारपुर पूर्वी पंचायत अंतर्गत पूर्वी टोल के वार्ड नंबर पांच निवासी 85 वर्षीय पुत्र रामदेव दास की मौत उसके अपने ही घर का छप्पर गिरने से हो गयी. इस हादसे में इसी गांव के ललित दास की 30 वर्षीया पत्नी रिंकू देवी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी, जिसका इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है.घटना के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि रामदेव गांव की ओर से टहल कर आये और आराम करने के लिए बिछावन पर जाकर बैठे हुए थे.

तभी अचानक खपरैल घर के छप्पर गिरने से दबकर उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. छप्पर गिरने की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गयी और सैकड़ों लोगों की भीड़ मृतक के घर का इस दृश्य को देखने के लिए जमा हो गये.
वृद्ध की मौत से परिजनों में कोहराम:रामदेव के अचानक दर्दनाक मौत से उसके परिजनों में कोहराम मच गया. मृतक के पुत्र गंगा प्रसाद दास, हरिनारायण दास, पुत्रवधू अनिता देवी, सीता देवी व पोता-पोती शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रो रहे थे.जिसे घटनास्थल पर जुटे लोगों ने सांत्वना दिया.
घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया मो माजिद हुसैन, सरपंच राजकुमार, पंसस मुल्ली देवी, वार्ड सदस्य आशा देवी, समाजसेवी शंकर साह, दयानंद प्रभाकर, निरंजन कुमार, महेंद्र महतो आदि ने शोक व्यक्त किया. मुखिया ने मृतक के परिजनों से मिलकर कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये प्रदान किये गये.
सरकारी रिकॉर्ड में डेढ़ वर्ष पूर्व मृत घोषित थे रामदेव
मृत रामदेव सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन का लाभार्थी थे और पेंशन का लाभ ले भी रहे थे, परंतु सरकारी पदाधिकारी व कर्मचारियों की खेल में जिंदा रामदेव को वृद्धावस्था पेंशन पंजी में मृत दिखा दिया गया था.
इस कारण वे डेढ़ वर्षों से पेंशन लाभ से वंचित हो गये थे. जिंदा रहते पेंशन पंजी में मृत बताये जाने पर रामदेव और उनके परिजनों ने पेंशन पाने के लिए सरकारी हाकिमों व स्थानीय पदाधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक आवेदन देकर गुहार लगायी.
परंतु उसका दोबारा पेंशन चालू भी नहीं किया गया.आखिरकार सरकारी अभिलेख में डेढ़ वर्ष पूर्व मृत घोषित रामदेव पुन: पेंशन पाने की आस में बुधवार को सदा के लिए इस दुनिया से अलविदा हो गये.
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