ईरान पर होगा भयानक वार! ब्रिटेन में आए 4 US फाइटर प्लेन; इनमें एक बार में 24 मिसाइलें मारने वाला भी शामिल

बी-1बी लांसर. फोटो- एक्स.
US Fighter Plane in Britain: यूके के पीएम कीर स्टार्मर की अनुमति के बाद, अमेरिका के 4 जहाज रॉयल एयरफोर्स फेयरफोर्ड एयरबेस पर उतरते हुए देखे गए. इनमें B-1B Lancer बमवर्षक भी शामिल है. यह अमेरिका के सबसे भयानक हथियारों में से एक है.
US Fighter Plane in Britain: 28 फरवरी से शुरू हुआ ईरान युद्ध अब नौवें दिन में पहुंच गया है. अब तक ईरान और इजरायल-अमेरिका ने मिलकर पूरे मिडिल ईस्ट में बमबारी करके क्षेत्रीय युद्ध फैला दिया है. ईरान इन दोनों देशों के साझा हमलों का करारा जवाब दिया है. 7 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर बड़ा हमला होने वाला है. इसके तुरंत बाद अमेरिका के कुल 4, लड़ाकू विमान और बड़े मिलिट्री एयरक्राफ्ट इंग्लैंड के रॉयल एयरफोर्स फेयरफोर्ड (RAF Fairford) एयरबेस पर उतरते हुए देखे गए.
ब्रिटेन आने वाले विमानों में सबसे पहले 6 मार्च को PILE72 कॉलसाइन आया था. इसके साथ ही B-1B Lancer बमवर्षक भी आया था. यह विमान अमेरिका के टेक्सास स्थित डायस वायु सेना बेस से उड़ान भरकर आया था. C-5 Galaxy नाम का एक बड़ा परिवहन विमान भी 6 मार्च को डायस एयर फोर्स बेस से यहां उतरा. इसके अलावा C-17 Globemaster III परिवहन विमान भी 1 मार्च से इस एयरबेस पर लगातार उतर रहे हैं. यह तैनाती तब हुई जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों से ईरान के मिसाइल ठिकानों के खिलाफ रक्षात्मक अमेरिकी कार्रवाई की अनुमति दी.
गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इनका मकसद मध्य पूर्व में ईरान को मिसाइल दागने से रोकने के लिए विशिष्ट रक्षात्मक अभियान चलाना है. ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख रिचर्ड नाइटन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका अगले कुछ दिनों में ग्लॉस्टरशायर स्थित इस बेस से मिशन शुरू कर सकता है. प्रधानमंत्री ने रविवार को अमेरिका को फेयरफोर्ड और हिंद महासागर में चागोस द्वीपसमूह के सबसे बड़े द्वीप डिएगो गार्सिया से ईरान के खिलाफ रक्षात्मक हमले करने की अनुमति दी थी.
गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार दोपहर ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने मध्य पूर्व में अपने अभियानों को लेकर एक अपडेट जारी किया. इसमें कहा गया कि अमेरिका ने “ईरान को क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोकने के लिए विशेष रक्षात्मक अभियानों” के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है. इसमें यह भी बताया गया कि एक मर्लिन हेलीकॉप्टर, जिसे पहले रक्षा मंत्रालय “पनडुब्बी शिकारी” हेलीकॉप्टर बता चुका है, अतिरिक्त हवाई निगरानी के लिए मध्य पूर्व की ओर भेजा जा रहा है.
RAF Fairford की रणनीतिक भूमिका
RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना की 501st Combat Support Wing तैनात है. यह यूरोप के उन दो प्रमुख ठिकानों में से एक है, जहां अमेरिका के सभी भारी बमवर्षक विमान, जैसे B-1B Lancer, B-2 Spirit और B-52 Stratofortress का इस्तेमाल किया जा सकता है.
B-1B Lancer ईरान के लिए कितना घातक होगा?
B-1B Lancer अमेरिका की वायु सेना का एक लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला सुपरसोनिक रणनीतिक बमवर्षक विमान है. यह बड़े पैमाने पर सटीक हमले करने में सक्षम माना जाता है. यह विमान लगभग 75,000 पाउंड (करीब 34,000 किलोग्राम) तक हथियार ले जा सकता है और एक मिशन में करीब 24 क्रूज मिसाइल या बड़ी संख्या में स्मार्ट बम दाग सकता है. इन क्रूज मिसाइलों की मारक दूरी आमतौर पर लगभग 800 से 1500 किलोमीटर तक हो सकती है, जिससे यह विमान दूर से ही अपने लक्ष्य को निशाना बना सकता है.
अगर ऐसे चार B-1B लांसर एक साथ किसी अभियान में शामिल हों, तो वे मिलकर करीब 96 क्रूज़ मिसाइल तक दाग सकते हैं. इससे एक ही समय में कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों, एयरबेस, रडार सिस्टम या कमांड सेंटर पर हमले किए जा सकते हैं.
ऐसे हमले आमतौर पर सीमित लेकिन बेहद सटीक सैन्य कार्रवाई माने जाते हैं, जिनका उद्देश्य पूरे देश पर हमला करना नहीं बल्कि दुश्मन के रणनीतिक सैन्य ढांचे जैसे मिसाइल सिस्टम, हथियार भंडार और रक्षा तंत्र को कमजोर करना होता है. इस तरह के हमलों में कुछ ही मिनटों के भीतर कई अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे विरोधी देश की मिसाइल क्षमता और सैन्य कमान पर बड़ा असर पड़ सकता है.
B-1B Lancer की खासियत क्या है?
B-1B Lancer को मूल रूप से Rockwell International ने विकसित किया था, जो अब Boeing का हिस्सा है. इस विमान ने 18 अक्टूबर 1984 को पहली उड़ान भरी और 1985 में सेवा में शामिल हुआ. इसकी अधिकतम गति लगभग Mach 1.2 (करीब 900 मील प्रति घंटा) है और इसमें चार सदस्यीय क्रू होता है.
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यह विमान लगभग 75,000 पाउंड (करीब 34,000 किलोग्राम) तक के हथियार ले जा सकता है. इसकी लंबाई करीब 146 फीट है और इसके पंखों का फैलाव 137 फीट तक हो सकता है, जबकि मुड़े हुए पंखों के साथ यह लगभग 79 फीट रह जाता है. इसकी अधिकतम टेकऑफ क्षमता करीब 477,000 पाउंड है और यह 30,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है.
कब-कब इसे इस्तेमाल किया गया?
यह विमान 1986 में ऑपरेशनल हुआ और 1998 में Operation Desert Fox के दौरान पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया गया. इसके बाद इसका उपयोग अफगानिस्तान, इराक, लीबिया और सीरिया में बड़े पैमाने पर सटीक हथियार गिराने के लिए किया गया.
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1994 में हथियार नियंत्रण समझौतों के कारण इसे परमाणु मिशन से हटाकर पारंपरिक हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. आज इसमें Integrated Battle Station और BEAST जैसे आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के जरिए डिजिटल कॉकपिट, Link-16 डेटा लिंक और लंबी दूरी के आधुनिक हथियारों की क्षमता जोड़ी जा रही है, और भविष्य में इसे धीरे-धीरे B-21 Raider से बदला जाने की योजना है.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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