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US में वॉर मेमोरियल पर इंडियन डांस वीडियो वायरल, मचा बवाल; डिपोर्ट होने का खतरा

Updated at : 08 Mar 2026 2:35 PM (IST)
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Indian dance at US World War II memorial sparks controversy may face deportation

वॉर मेमोरियल पर डांस करते मधु राजू. फोटो- स्क्रीनशॉट.

Indian dance US World War II Memorial: एक भारतीय का अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक के सामने डांस करना विवाद का विषय बन गया. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस मामले को इमिग्रेशन अधिकारियों तक पहुंचा दिया.

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Indian dance US World War II Memorial: कुछ जगहें ऐसी होती हैं, जहां सब कुछ नहीं किया जा सकता. खासकर ऐसी जगहें जो लोगों की भावनाओं से जुड़ी हों. अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक व्यक्ति का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में उन्हें देश से निकाले जाने यानी डिपोर्ट किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. दरअसल वॉशिंगटन डीसी में बने नेशनल वर्ल्ड वॉर टू मेमोरियल पर डांस करते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. इसके बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और मामला अमेरिकी अधिकारियों तक पहुंच गया.

सोशल मीडिया पर केली कैंपबेल नाम की यूजर ने एक वीडियो शेयर किया, जो मूल रूप से द रिपैट्रियेटर द्वारा शेयर किया गया था. कैंपबेल ने लिखा कि यह वॉशिंगटन डीसी में वर्ल्ड वॉर टू मेमोरियल है. कुछ जगहों को इज्जत मिलनी चाहिए, आईटी डिपार्टमेंट को नहीं जो सोशल मीडिया के लिए अजीब टिकटॉक डांस करता है. उन सभी को वापस जाना होगा. हालांकि इसमें किसी का भी नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इस व्यक्ति की पहचान भारतीय मूल के मधु राजू के रूप में बताई जा रही है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि मधु राजू अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर रह रहे हैं. वायरल वीडियो सबसे पहले टिकटॉक पर पोस्ट किया गया था. इसमें मधु राजू स्मारक परिसर में तय स्टेप्स के साथ डांस करते दिखाई देते हैं. उनके साथ एक महिला भी नाचती नजर आती है, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. खबरों के अनुसार मधु राजू ने इस डांस को लेकर माफी भी मांगी है और कहा है कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था.

नियम और लोगों का रिएक्शन

यह स्मारक उन लाखों अमेरिकी सैनिकों की याद में बनाया गया है जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना में सेवा दी थी. इसमें उन सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी गई है जो युद्ध में मारे गए थे. इसी वजह से इसे सम्मान और शांति से जुड़ी जगह माना जाता है. इस स्मारक का प्रबंधन नेशनल पार्क सर्विस करती है. इस संस्था के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय स्मारकों पर आने वाले लोगों को वहां के माहौल का सम्मान करना चाहिए. ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जो वहां की शांति और गरिमा को प्रभावित करें.

इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया भी तेज रही. कई लोगों का कहना था कि ऐसे स्मारकों का इस्तेमाल सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. इसके जरिए भारतीयों को भी निशाना बनाया जाने लगा. वहीं कुछ भारतीयों ने भी इसे गलत बताया, लेकिन उन्होंने याद दिलाया कि दूसरे विश्व युद्ध में भारत के भी लाखों सैनिक शहीद हुए थे. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैलना शुरू हुआ, वैसे ही लोगों की नाराजगी भी सामने आने लगी. कई पूर्व सैनिक संगठनों और यूजर्स ने कहा कि इस तरह का डांस उस जगह के सम्मान के खिलाफ है.

भारतीयों के वीडियो वायरल

हालांकि, ऐसा नहीं है कि केवल भारतीय ही यहां डांस करते हों. भारतीय यूजर्स ने इस तरह के कई वीडियोज शेयर किए जिसमें लोग इस मेमोरियल के सामने नाचते दिख रहे हैं. वहीं, जिस यूजर ने इस मधु के वीडियो को शेयर किया था, वह भारतीयों के विरोध वाले कंटेट ही ज्यादा शेयर करती हैं. खुद को ईसाई और रुढ़िवादी मां बताने वाली यूजर के ट्विटर (एक्स) पर 24 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. वह इससे पहले भी एक भारतीय का वीडियो शेयर कर चुकी है, जिसका एक इंडियन यूजर ‘मल्टीवर्स’ ने जवाब दिया है. देखें-

नौकरी और डांस स्टूडियो को लेकर दावे

हालांकि जब तक यह विवाद सोशल मीडिया तक सीमित था, तब तक मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा था. लेकिन बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक व्यक्ति ने साइबर सुरक्षा कंपनी पालो ऑल्टो नेटवर्क्स को टैग करते हुए दावा किया कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मधु राजू ही है. पोस्ट में कहा गया कि वह जून 2025 से इस कंपनी में क्लाउड नेटवर्क सिक्योरिटी इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था.

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सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया गया कि राजू MAD Dallas नाम से एक डांस स्टूडियो चलाते थे. विवाद बढ़ने के बाद उस स्टूडियो की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज कथित तौर पर हटा दिए गए. बताया जा रहा है कि राजू टिकटॉक पर भी सक्रिय थे. लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद उनके कई सोशल मीडिया अकाउंट, जैसे लिंक्डइन और इंस्टाग्राम, बंद हैं या हटा दिए गए हैं.

इमिग्रेशन अधिकारी कर रहे जांच

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है. वे देख रहे हैं कि क्या इस घटना का असर राजू के वीजा स्टेटस पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार उनके वीजा को लेकर अंतिम फैसला आने वाले हफ्तों में औपचारिक सुनवाई के बाद लिया जा सकता है.

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अमेरिकी कानून के अनुसार अगर कोई वीजा धारक कुछ अपराधों में दोषी पाया जाता है या नियमों के खिलाफ काम करता है, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है. हालांकि सिर्फ डांस करना अपराध नहीं है, लेकिन फेडरल स्मारकों पर बिना अनुमति गतिविधियां करना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है. फिलहाल मामला जांच में है और अधिकारी इसकी प्रशासनिक समीक्षा कर रहे हैं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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