तपिश बरकरार, पारा पहुंचा 42 डिग्री के पार, जल संकट गहराने की बढ़ी समस्या
Updated at : 01 May 2019 6:12 AM (IST)
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बेगूसराय : जिले में पिछले पांच दिनों से गर्मी चरम पर है.आसमान से अंगारे इस तरह से बरस रहे हैं,लगता है खुद सूर्य देव आसमान में बैठ कर आग के गोले धरती पर फेंक रहे हों. सुबह छह बजे से ही चिलचिलाती धूप निकल जाती है. लोगों को अप्रैल माह में ही जून-जुलाई महीने का […]
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बेगूसराय : जिले में पिछले पांच दिनों से गर्मी चरम पर है.आसमान से अंगारे इस तरह से बरस रहे हैं,लगता है खुद सूर्य देव आसमान में बैठ कर आग के गोले धरती पर फेंक रहे हों. सुबह छह बजे से ही चिलचिलाती धूप निकल जाती है. लोगों को अप्रैल माह में ही जून-जुलाई महीने का एहसास होने लगा है. दिन तो दिन रात में भी ऊमस भरी गर्मी में लोग परेशान रहने लगे हैं.
अप्रैल में हो रहा जून-जुलाई की गर्मी का एहसास :जून-जुलाई के महीने में पड़ने वाली गर्मी का एहसास अप्रैल महीने से ही होना शुरू हो गया था.लोगों ने अभी से अंदाजा लगाना शुरू कर दिया कि जब अप्रैल माह से ही प्रचंड गर्मी सताने लगी है तो आने वाले मई-जून-जुलाई के महीने में गर्मी रुलाने वाली है.
मई की पहली तारीख को तापमान होगा 44 डिग्री सेल्सियस :आज से मई का महीना शुरू हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार मई महीने के पहली तारीख को बेगूसराय का तापमान अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस तक जाने वाला है. जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा.
गर्मी आते ही पेय पदार्थ की बढ़ी मांग:गर्मी के दिनों में लोग खाने की चीजों से ज्यादा पीने की चीजों का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए तो पूरे शहर में बेल, सत्तू, तरबूज, कोल्ड ड्रिंक, ईख जूस,आम जूस की दुकानें पूरी तरह से सज गयी है. दिन भर इन दुकानों पर राहगीरों की भीड़ लगी रहती है.गर्मी में प्यास बुझाने का सबसे सस्ता व सरल उपाय जूस ही है.
बिजली रानी ने शुरू िकया आंखमिचौनी का खेल :बिजली रानी की लीला भी अजीब है. जब जरूरत नहीं रहती है तो घर में बिजली रहती है. .लेकिन जैसे ही इसकी जरूरत लोगों को महसूस होने लगती है तो बिजली रानी के आंखमिचौनी का सिलसिला शुरू हो जाता है. जनवरी-फरवरी तक तो बिजली रानी सही सलामत उपभोक्ता के घरों में रह रही थी.लेकिन जैसे ही अप्रैल का महीना शुरू हुआ कि बिजली रानी एक घर से दूसरे घरों में छुपने और नजर आने लगी.
जिले के कई क्षेत्रों में कम होने लगा है वाटर लेवल
जिले के कई क्षेत्रों में वाटर लेवल काफी कम होने लगा है. नतीजा है कि ऐसे क्षेत्रों में आने वाले समय में जलसंकट गहरा सकता है. ज्ञात हो कि जिले के शाम्हो और भगवानपुर प्रखंड में कई जगहों से वाटर लेवल कम होने की बातें सामने आ रही है. जिससे चापाकल से पानी निकलना बंद होने लगा है. हालांकि विभाग के द्वारा इस दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिया गया है ताकि जिले के किसी भी भाग में लोगों को जलसंकट से जूझना न पड़े.
खुद का रखें ख्याल
धूप तो पिछले 10 दिनों से शहर में पड़ रही है.लेकिन पांच दिनों से लू लगने वाली धूप शहर में पड़ रही है.धूप में निकलने वाले लोग संभल कर ना चलें तो स्थिति भयावक हो सकती है.
दोपहर के समय अगर ज्यादा जरूरी काम हो तभी घर से निकलें. निकलने से पूर्व मुंह को उजले रंग के गमछे से ढक लें,और छाता जरूर साथ लेकर निकलें.सुबह जल्दी उठकर व्यायाम अवश्य करें.भरपेट नास्ता करें. दोपहर का खाना हल्का एवं हरी सब्जी के साथ लें.रात को सोने के समय मच्छरदानी लगा लें.
डॉ अमित कुमार सिंह,पावर हाउस रोड, बेगूसराय
बोले विभागीय पदाधिकारी
जिले के कुछ क्षेत्रों में वाटर लेवल कम होने की सूचनाएं मिल रही है. इस दिशा में विभाग के द्वारा पिछले दिनों पटना में भी वर्कशॉप आयोजित कर इसे रोकने की दिशा में प्लानिंग तैयार की गयी है. एक सूची तैयार की जा रही है कि जिन क्षेत्रों में 50 फुट से नीचे जल स्तर चला गया है. वैसे जगहों पर वाटर लेवल बनाये रखने की दिशा में काम शुरू किया जायेगा ताकि लोगों को पानी के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े. विभाग इस दिशा में सजग है.
अली हैदर,कार्यपालक अभियंता,पीएचईडी विभाग,बेगूसराय
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