बेगूसराय प्रशासन बाढ़ से पहले अलर्ट मोड में, 4 लाख आबादी को बचाने की तैयारी शुरू, डीएम की हाईलेवल मीटिंग

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मीटिंग की तस्वीर

Begusarai News : बेगूसराय में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आपदा विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने को लेकर व्यापक तैयारियों की समीक्षा की गई

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Begusarai News : (विपिन कुमार मिश्र) बेगूसराय में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आपदा विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने को लेकर व्यापक तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया.

जिले के 18 अंचलों में मौसम निगरानी सिस्टम एक्टिव

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले के सभी 18 अंचलों में साधारण वर्षामापी यंत्र और स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा जिले की सभी 217 पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी यंत्र लगाए गए हैं, जो फिलहाल सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं. प्रशासन ने फैसला लिया है कि 1 जून 2026 से प्रतिदिन वर्षापात की रिपोर्ट तैयार कर आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी जाएगी.

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गंगा और बूढ़ी गंडक से 11 अंचलों पर सबसे ज्यादा खतरा

बैठक में जानकारी दी गई कि गंगा नदी से प्रभावित बेगूसराय सदर, बरौनी, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, बलिया, साहेबपुर कमाल और शाम्हो अकहा कुरहा अंचल बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं. वहीं बूढ़ी गंडक नदी से प्रभावित बखरी, नावकोठी और चेरिया बरियारपुर अंचल भी प्रशासन की निगरानी में हैं.

37 पंचायतों और दो नगर निकायों पर विशेष नजर

प्रशासन ने बताया कि कुल 37 ग्राम पंचायतों और दो नगर निकायों के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. इन इलाकों में करीब 4 लाख आबादी और लगभग 80 हजार पशुधन बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में लोगों की सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है.

कटाव रोकने के लिए तेज हुआ काम

कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने बैठक में बताया कि जिले के पांच अत्यंत संवेदनशील स्थलों पर कटाव निरोधक कार्य पूरा कर लिया गया है. वहीं छह अन्य जगहों पर काम तेजी से जारी है. प्रशासन का दावा है कि समय रहते सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि बाढ़ के दौरान किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े.

आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को किया गया अलर्ट

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पशुपालन और पेयजल व्यवस्था को लेकर सभी विभागों को पहले से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को कम से कम परेशानी हो और त्वरित राहत पहुंचाई जा सके.

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