बेगूसराय : समय पर नहीं आते डॉक्टर, घंटों इंतजार करते हैं मरीज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2018 12:32 AM
बेगूसराय : सदर अस्पताल की बाहरी सुंदरता को कितना भी क्यों न सुदृढ़ कर दिया जाये, लेकिन अंदरूनी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. सदर अस्पताल में डॉक्टरों के लेट पहुंचने का खामियाजा सुदूर गांव से आने वाले गरीब मरीजों को भुगतना पड़ता है. सदर अस्पताल बेगूसराय के बाहरी सुंदरता को देख कर हर […]
बेगूसराय : सदर अस्पताल की बाहरी सुंदरता को कितना भी क्यों न सुदृढ़ कर दिया जाये, लेकिन अंदरूनी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. सदर अस्पताल में डॉक्टरों के लेट पहुंचने का खामियाजा सुदूर गांव से आने वाले गरीब मरीजों को भुगतना पड़ता है. सदर अस्पताल बेगूसराय के बाहरी सुंदरता को देख कर हर कोई यह सोचता है कि सरकारी अस्पताल सौंदर्यीकरण के मामले में निजी अस्पताल को भी पीछे छोड़ चुका है.
जब अस्पताल में मरीजाें के मसीहा माने जाने वाले डॉक्टर ही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचेंगे तो वैसी बाहरी सुंदरता का क्या फायदा. प्रभात पड़ताल के तहत जब प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने जब सदर अस्पताल की पड़ताल की तो डॉक्टरों की उपस्थिति असंतोषजनक पायी गयी.
8 के बजाय 8:30 में पहुंचे डॉक्टर:सप्ताह के अन्य दिनों के मुकाबले सोमवार को सदर अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ती है. चूंकि रविवार को सरकारी छुट्टी रहने के कारण ओपीडी सेवा बंद रखी जाती है
इसलिए सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाती है. लेकिन सदर अस्पताल के कुछ चिकित्सक अपनी मनमानी के कारण सदर अस्पताल में नौ बजे तक भी नहीं पहुंच पाते हैं जबकि सदर अस्पताल में चिकित्सकों के बैठने का टाइम सुबह 8 बजे से निर्धारित किया गया है.
सामान्य चिकित्सक कक्ष में 8:30 बजे पहुंचे डॉक्टर :सोमवार को प्रभात पड़ताल के दौरान सदर अस्पताल के छह नंबर रूम सामान्य चिकित्सक कक्ष में डॉक्टर आठ बजे के बजाय साढ़े आठ बजे नजर आये जबकि डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लग चुकी थी.
बच्चा वार्ड, नेत्र वार्ड सहित कई विभागों के डॉक्टर दिखे लापता:प्रभात पड़ताल के दौरान सदर अस्पताल के दर्जनों विभाग की पड़ताल की गयी तो आधा दर्जन विभाग के डॉक्टर लापता पाये गये.
आठ बजे के टाइम में 9 बजे तक भी डॉक्टर नहीं पहुंच सके. इस दौरान बच्चा वार्ड, हड्डी वार्ड, नेत्र वार्ड, दंत चिकित्सक विभाग के डॉक्टर 9 बजे तक भी अपने विभाग में दिखाई नहीं दिये.
नौ बजे तक बैठे रहे मरीज
सदर अस्पताल में बेहतर एवं मुफ्त इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर गांव से इलाज के लिए महिलाएं पहुंचती हैं. लंबी लाइन लगा कर महिलाओं को दो रुपये का पंजीयन भी करवाना पड़ता है.
लेकिन डॉक्टर के लेट के कारण मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ जाता है. सोमवार की सुबह महिला ओपीडी में मरीजों को घंटों डॉक्टर का इंतजार करना पड़ गया. महिला ओपीडी में सुबह में नौ बजे तक भी डॉक्टर नहीं पहुंच सकीं. महिला ओपीडी के सामने ड्यूटी पर तैनात एक महिला सिपाही ने बताया कि मैडम दो मिनट में आ जायेंगी.
क्या कहते हैं अधीक्षक
उक्त समय में महिला डॉक्टर सिजेरियन के लिए ओटी में मौजूद थीं. वहीं कई विभागों के डॉक्टर मरीज को देखने से पहले राउंड पर गये थे. इसलिए थोड़ा परेशानी का सामान उठाना पड़ा.
डॉ आनंद शर्मा, अधीक्षक, सदर अस्पताल.
प्रधान सचिव के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान जब प्रधान सचिव ने अधीक्षक से पूछा कि क्या डॉक्टरों की उपस्थिति एवं समय पर आना ठीक है न.
इसके जवाब में अधीक्षक ने कहा कि सभी विभागों के डॉक्टर समय पर पहुंच कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं. लेकिन पड़ताल के दौरान डॉक्टरों के आने के समय का कुछ पता ही नहीं चल सका.
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