बाल विवाह कानूनी अपराध, दोषियों को हो सकती है गंभीर सजा

Updated at : 02 May 2025 9:11 PM (IST)
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बाल विवाह कानूनी अपराध, दोषियों को हो सकती है गंभीर सजा

बाल विवाह कानूनी अपराध, दोषियों को हो सकती है गंभीर सजा

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-एसडीएम ने बाल विवाह की रोकथाम एवं निषेध के लिए जारी की चेतावनी बांका बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुपालन में अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अविनाश कुमार के द्वारा बाल विवाह रोकथाम एवं निषेध के लिए चेतावनी निर्गत किया गया. उन्होंने इस आशय की सूचना सभी बीडीओ सह सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी को दिया है. कहा है कि उक्त अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लङकी और 21 वर्ष से कम उम्र के लङके के विवाह को बाल विवाह माना गया है और यह कानूनन जुर्म है. बाल विवाह में शामिल वर-वधू पक्ष के अभिभावक व संबंधी सहित पंडित, मौलवी, धर्मगुरू, शादी समारोह के सेवा प्रदाता यथा टेंट, कैटरर्स, बैंड-बाजा, बत्ती, शादी कार्ड प्रिंटिंग प्रेस, मैरेज हाॅल मालिक इत्यादि इसके साथ ही बारात एवं शादी समारोह में शामिल वैसे सभी व्यक्ति जिनकी सहभागिता बाल विवाह में हुई हो, कानून में उनके लिए दंड का प्रावधान है. इसके लिए दो वर्ष तक का कारावास एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. कानून तोङने वाले सभी व्यक्ति दंड के भागी होंगे. इस आशय की सूचना चेतावनी के रूप में निर्गत करते हुए सभी बीडीओ व थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराया गया है. साथ ही इसे सभी संबंधितों के साथ साझा करने एवं प्रचारित करने का निर्देश दिया गया है. एसडीएम ने कहा कि सरकार द्वारा बाल विवाह रोकथाम एवं निषेध के लिए विभिन्न स्तरों प्रचार-प्रसार एवं लगातार कार्यक्रम किये जा रहे है. इसी कङी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का कङाई से अनुपालन के लिए यह चेतावनी जारी की गयी है. बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना आमजन तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन 112, महिला हेल्पलाइन 181 या संबंधित बीडीओ व थानाध्यक्ष को दें. सूचना प्राप्त होते ही मामले में त्वरित कार्रवाई की जायेगी.

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SHUBHASH BAIDYA

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