Mauni Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है. यह दिन स्नान, दान और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने के लिए समर्पित होता है. शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. हर महीने एक अमावस्या तिथि आती है. माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर किए गए तर्पण और दान से पितरों को शांति मिलती है और व्यक्ति के जीवन से कष्ट दूर होते हैं.
मौनी अमावस्या कब है?
इस वर्ष माघ मास में अमावस्या तिथि 17 जनवरी 2026 की रात 11:53 बजे से प्रारंभ होगी और 18 जनवरी 2026 की रात 01:08 बजे समाप्त होगी. ऐसे में इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी.
मौनी अमावस्या का महत्व
मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने की परंपरा है. इस दिन मौन रहकर पितरों का तर्पण करने के साथ ध्यान, मंत्र जाप और भगवान की आराधना करनी चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मौन रहने से आत्मा शुद्ध होती है और मन को शांति मिलती है. हिंदू धर्म में मौन रहना आध्यात्मिक साधना माना गया है.
मौनी अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए?
- पितरों को याद करना और उनका तर्पण करना.
- जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है. आप अनाज, वस्त्र, तिल का तेल, फल और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान कर सकते हैं.
- भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना.
- क्रोध पर नियंत्रण रखना.
- मानसिक रूप से भगवान के भजन करना.
- सात्विक भोजन ग्रहण करना.
मौनी अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
- इस दिन बोलना वर्जित है.
- तामसिक चीजों जैसे प्याज, लहसुन और मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए.
- देर तक सोना अशुभ माना जाता है.
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