बांका में पेट्रोल डीजल की मार से बिगड़ा रसोई का बजट, मंडी में दाल, तेल और मसालों के दाम फिर चढ़े

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Mandi Bhav

Banka Mandi Bhav : ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने से खाद्यान्न बाजार में फिर हलचल. दाल, सरसों और तेल की कीमतों में तेजी, जबकि गेहूं, मक्का और सब्जियों के भाव में रोजाना उतार-चढ़ाव से उपभोक्ता परेशान.

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बांका मेंसे मदन कुमार की रिपोर्ट.

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Banka Mandi Bhav : जिले की थोक और खुदरा मंडियों में इन दिनों खाद्यान्न के दामों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है. कारोबारियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ रहा है, जिससे दाल, तेलहन, सरसों और मसालों की कीमतों में तेजी बनी हुई है. वहीं गेहूं, मक्का, आलू और प्याज के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है. मंडी के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में आवक और ट्रांसपोर्ट लागत के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव है.

दाल और सरसों के बाजार में तेजी

स्थानीय व्यवसायिक मंडी के अनुसार अरहर दाल और मूंग दाल के दाम सबसे अधिक बढ़े हुए हैं. अरहर दाल 11 हजार से 14 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है, जबकि मूंग दाल 9540 से 9600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है. मसूर दाल का भाव भी 5550 से 6750 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है.

सरसों और सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी कायम है. पीला सरसों 7300 से 7550 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि 15 लीटर सरसों तेल का दाम 2070 से 2470 रुपये तक पहुंच गया है. कारोबारियों का कहना है कि तेलहन की सीमित आवक और बढ़ते ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है.

गेहूं, मक्का और चावल के भाव में उतार-चढ़ाव

मंडी में गेहूं 2600 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि मक्का का भाव 2100 से 2150 रुपये के बीच बना हुआ है. चावल की अलग-अलग किस्मों में भी अंतर देखा जा रहा है. मंसूरी चावल 3250 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल, अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये और बासमती चावल 12 हजार 500 से 13 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है.

आलू-प्याज भी आम आदमी की चिंता बढ़ा रहे

रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाले आलू और प्याज के दाम भी स्थिर नहीं हैं. आलू 1200 से 1450 रुपये प्रति क्विंटल और प्याज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. खुदरा बाजार में इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर दिखाई दे रहा है.

कारोबारियों ने बताई महंगाई की बड़ी वजह

जिले के कारोबारियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से माल ढुलाई महंगी हो गई है. ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने के कारण खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है.

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