बिरनौधा गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से नाराज ग्रामीणों ने बीडीओ को दिया आवेदन

Updated at : 14 Mar 2026 7:44 PM (IST)
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बिरनौधा गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से नाराज ग्रामीणों ने बीडीओ को दिया आवेदन

शंभुगंंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बिरनौधा पंचायत के विरनौधा गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा.

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शंभुगंज. शंभुगंंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बिरनौधा पंचायत के विरनौधा गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. शनिवार को दर्जनों ग्रामीण एकजुट होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने पेयजल के संकट को लेकर बीडीओ नीतीश कुमार को सैकड़ों से ज्यादा ग्रामीण अपने स्वहस्ताक्षरित आवेदन दिये. विरनौधा गांव के वार्ड संख्या 8 के ग्रामीण जो पेयजल की समस्या से जूझ रहे देव नन्दन ठाकुर, उमेश शर्मा, सेंटू कुमार, विष्णुदेव पोद्दार, राकेश पासवान, सेवक मालाकार, रुमा देवी, सुषमा देवी, हीरो तांती सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या आठ विरनौधा गांव में विगत एक सप्ताह से पेयजलापूर्ति बाधित रहने से गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया हैं. गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पेयजल की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या आठ के जलमीनार संचालक से कुछ लोगों ने मारपीट की, जिससे संचालक द्वारा जल मीनार को बंद कर चाबी ग्रामीणों को सौंप दिया गया और पानी आपूर्ति बंद कर दिया. ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान वार्ड सदस्य अंकज ठाकुर द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता हैं. ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच परमानंद ठाकुर के द्वारा अनुशंसा की गयी, आवेदन बीडीओ को देकर यथाशीघ्र पेयजलापूर्ति सेवा बहाल करने की मांग की है. बताया कि घरेलू चापानल भीषण गर्मी में पानी का साथ छोड़ देता हैं. सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना में सबसे महत्वपूर्ण नल जल योजना पर ग्रामीण निर्भर हैं. उक्त वार्ड के सदस्य अंकज कुमार ने बताया कि पूर्व वार्ड सदस्य नवल कुमार द्वारा विगत कई वर्षों से पेयजलापूर्ति की जा रही थी, लेकिन गांव के कुछ लोगों द्वारा 10 दिन पूर्व उनके साथ मारपीट कर एक अंगुली तोड़ दिया गया था. इसके बाद पेयजल की समस्या उत्पन्न हुई. बीडीओ नीतीश कुमार द्वारा बताया गया कि वार्ड सदस्य को सूचना दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि सरकार का नियम है कि वार्ड सदस्य या जमीन दाता ही जल मीनार का संचालन कर सकते हैं. अगर वर्तमान वार्ड सदस्य जल मीनार संचालन करते हैं वार्ड में सभा कर दूसरा जल मीनार संचालन करते हैं. उन्होंने बताया कि तत्काल पंचायत सचिव को भेज कर जांच पड़ताल की जायेगी और जल मीनार से जलापूर्ति सुचारू रूप से हो इसके लिए व्यवस्था की जायेगी.

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SHUBHASH BAIDYA

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