बनाया जायेगा स्पेशल टास्क फोर्स

Published at :09 Jun 2016 4:22 AM (IST)
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बनाया जायेगा स्पेशल टास्क फोर्स

बालू घाटों की होगी निगरानी. जिला प्रशासन ने भेजा संयुक्त प्रस्ताव बालू घाटों पर उत्खनन को लेकर लगातार हो रही हिंसा से आम लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. यह प्रशासन के लिए भी चुनौती बनी है. घाटों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है. वहां […]

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बालू घाटों की होगी निगरानी. जिला प्रशासन ने भेजा संयुक्त प्रस्ताव

बालू घाटों पर उत्खनन को लेकर लगातार हो रही हिंसा से आम लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. यह प्रशासन के लिए भी चुनौती बनी है. घाटों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है. वहां से स्वीकृति का जिला प्रशासन को इंतजार है.
बांका : जिले के बालू घाटों पर एक के बाद एक लगातार हो रही हिंसा और खून खराबे की घटना जिले में विधि व्यवस्था के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. यह स्थिति पुलिस प्रशासन के लिए जी का जंजाल बनकर रह गई है. जिले में पुलिस और प्रशासनिक महकमा इन स्थितियों को लेकर गंभीर है.
जिला पुलिस और सामान्य प्रशासन ने इन स्थितियों से निपटने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव किया है जिस पर राज्य गृह विभाग की मुहर लगनी बाकी है. यदि गृह विभाग स्पेशल टास्क फोर्स के गठन को स्वीकृति देता है तो यहां बालू घाटों पर बढ़ते अापराधिक वर्चस्व, दबंगई और हिंसा पर लगाम लगाते हुए सामान्य विधि व्यवस्था संधारण की स्थिति बेहतर हो सकेगी. इससे बालू उत्खनन घाटों वाली नदियों के किनारे तथा आसपास बसे जिले के तकरीबन डेढ़ सौ बस्तियों में भी अमन चैन कायम हो सकेगा.
वारदातों से निबटने की जुगत
टास्क फोर्स के लिए मांगे गये संसाधन
जिले में प्रस्तावित टास्क फोर्स के लिए इन संसाधनों की मांग की गयी है :
1. अतिरिक्त जिला बल 500
2. आरक्षी उपाधीक्षक 01
3. पुलिस निरीक्षक 02
4. अवर पुलिस निरीक्षक 10
5. नहर पेट्रोलिंग वाहन 10
6. चेकपोस्ट संसाधन 8
ये चेक पोस्ट बौंसी, श्यामबाजार, पंजवारा, धोरैया, चांदन, तथा जयपुर आदि स्थानों पर लगाए जाने का प्रस्ताव हैं. इन चेक पोस्टों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं बल तैनात रहेंगे जो चालान की वैधता ओवरलोडिंग आदि की जांच करेंगे.
उत्खनन की भी होगी निगरानी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित स्पेशल टास्क फोर्स जिले में अवैध बालू उत्खनन पर भी लगाम लगाएगा. बांका जिले में बालू उत्खनन के लिए 17 घाटों की बंदोबस्ती है. लेकिन बालू माफियाओं द्वारा इन बंदोवस्त घाटों के अलावा जिले के विभिन्न नदियों के तकरीबन 5 दर्जन अवैध घाटों से बालू का उत्खनन एवं इसकी तस्करी की जा रही है. टास्क फ़ोर्स जिले से लगातार हो रही बालू की चोरी पर भी अंकुश लगाने में कामयाब होगा.
राज्य खनन निदेशालय को गया है प्रस्ताव: बालू घाटों की निगरानी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव करीब साल भर पूर्व जून 2015 में ही यहां से राज्य खनन मुख्यालय को भेजा गया है. खनन विभाग के राज्य मुख्यालय में इसे मॉडल प्रारूप मानते हुए सूबे के अन्य जिलों से भी इस बारे में इसी तरह के प्रस्ताव की मांग कर दी है. सभी जिलों से प्रस्ताव प्राप्त होने पर इसकी समीक्षा के बाद इन्हें गृह विभाग भेजा जाना है जहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे राज्य पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा. तत्पश्चात एसटीएफ के गठन की प्रक्रिया आरंभ होगी.
घाटों पर जारी है खूनी खेल का सिलसिला
बांका जिले के अनेक बालू घाटों पर वर्षों से खूनी खेल का सिलसिला चल रहा है. हालांकि इस सिलसिले में हाल के कुछ महीनों में एकाएक काफी वृद्धि हो गई है. विगत छः माह के भीतर सिर्फ चांदन नदी के विभिन्न बालू घाटों पर हुई हिंसा की दर्जन भर घटनाओं में आधे दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है
जबकि अनेक घायल हो चुके हैं. यह स्थिति प्रशासन के लिए अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. बीते वर्ष के उत्तरार्ध चांदन नदी के चिल्कावर घाट पर दो गुटों में हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक व्यक्ति की मौत पतवय घाट पर हुई. मंझियारा घाट पर भी विगत चार महीनों के दौरान कई बार बम विस्फोट एवं गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं. मंगलवार को पथरा घाट पर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि आधे दर्जन घायल हो गये.
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