प्रोजेक्ट के कोल लिंकेज को मंजूरी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Jun 2016 5:55 AM (IST)
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बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट. सुल्तानगंज से जायेगा 120 क्यूसेक पानी बांका : बांका जिले के ककवारा में प्रस्तावित 4 हजार मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट अपने निर्माण के मार्ग पर एक कदम और आगे बढ़ चुका है. मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए कोल लिंकेज को मंजुरी प्रदान कर दी है. संसद […]
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बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट. सुल्तानगंज से जायेगा 120 क्यूसेक पानी
बांका : बांका जिले के ककवारा में प्रस्तावित 4 हजार मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट अपने निर्माण के मार्ग पर एक कदम और आगे बढ़ चुका है. मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए कोल लिंकेज को मंजुरी प्रदान कर दी है. संसद में विभागीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार इस प्रोजेक्ट की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोयला मंत्रालय ने पीरपैंती –
बाराहाट कोयला ब्लॉक के पूर्व दिशा में 3.2 वर्ग किलोमीटर अतिरिक्त क्षेत्र का प्रस्ताव किया था. जिसे बिजली मंत्रालय ने अपनी स्वीकृति दे दी है. ज्ञात हो कि इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 20 हजार करोड़ रूपये के कार्यान्वयन की स्वीकृति दी है. प्रोजेक्ट के लिए जमीन पहले ही चिन्हित की जा चुकी है. प्रस्तावित यूएमपीपी की आधी बिजली बिहार को मिलेगी. शेष बिजली झारखंड यूपी तथा कर्नाटक को वितरित किया जायेगा. इस पर चारों राज्यों ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है. प्रोजेक्ट के टरबाइन के लिए पानी का बंदोबस्त गंगा से किया जाना है. इस पावर प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी पावर फाइनांस कारपोरेशन के अनुसार जल्द ही यह योजना धरातल पर होगी. कोल लिंकेज को हरी झंडी मिलने के बाद इस योजना का काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है.
शुरू हुई जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया :
जिले में प्रस्तावित यूएमपीपी के लिए जमीन और पानी का बंदोबस्त राज्य सरकार को करना है. प्लांट के लिए पानी का इंतजाम गंगा से किये जाने की योजना है. प्लांट के लिए 120 क्यूसेक पानी की जरूरत होगी. जिसे सुलतानगंज स्थित गंगा घाट से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रस्तावित प्रोजेक्ट स्थल तक गंगा से पाइप लाइन के जरिये लाने की योजना तैयार की जा रही है. योजना के लिए 25 सौ एकड़ जमीन की जरूरत है. यह व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है. कोल लिंकेज की स्वीकृति मिलने के बाद अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. जमीन अधिग्रहण के लिए 2 अरब 23 करोड़ रूपये की राशि का आरंभिक बजटीय प्रावधान किया गया है.
2022 तक बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य
योजना के क्रियान्वयन में अब तक हुई देरी की मुख्य वजह केंद्र सरकार की स्वीकृति के बावजूद प्रोजेक्ट से उत्पादित बिजली के आवंटन को लेकर कोई ठोस निर्णय तथा समझौता न हो पाना ही रही. लेकिन बिहार को इसकी अपेक्षित मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति की सहमति तथा झारखंड के अलावा यूपी और कर्नाटक से भी समझौता तय हो जाने के बाद इस योजना को लेकर प्राय: सभी अड़चने अब दूर हो चुकी है. ज्ञात हो कि झारखंड सरकार का इस योजना से बिजली की दावेदारी पर खास जोर था. झारखंड से इस मुद्दे पर पहले से ही समझौता हो चुका था.
लेकिन विगत मार्च में पावर फाइनांस कारपोरेशन के साथ साउथ बिहार पावर डिस्टीब्यूशन कंपनी और नॉर्थ बिहार पावर डिस्टीब्यूशन कंपनी ने पावर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिया है. इस प्रोजेक्ट से बिहार को 2 हजार मेगावाट बिजली मिलेगी. इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने स्पेशल पैकेज में शामिल किया है. 2022 में इस पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है.
पावर प्रोजेक्ट से दी जायेगी राशि: राज्य सरकार के प्रधान सचिव ने जारी पत्र में कहा है कि यह राशि बिजली योजनाओं पर पूंजीगत परिव्यय, ताप विद्युत उत्पादन, सार्वजनिक क्षेत्र निवेश माप संख्या 10 उपशीर्ष 102 बिहार स्टेट पावर जेनेरेशन कंपनी लिमिटेड की परियोजना विपत्र शीर्ष अंतर्गत 2015-16 में उपबंधित राशि से यह राशि भुगतेय होगा.
बांका पावर प्रोजेक्ट
कुल उत्पादन : 4 हजार मेगावाट
बिहार को : 2 हजार मेगावाट
झारखंड को : 1 हजार मेगावाट
उत्तर प्रदेश को : 600 मेगावाट
कर्नाटक को : 400 मेगावाट
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