सैकड़ों वर्ष पुराना है कुशेश्वरनाथ धाम का इतिहास

बांका :जिले के बाराहाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लबोखर गांव के करीब प्रसिद्ध पौराणिक कुशेश्वर नाथ महादेव का मंदिर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही मनुष्य का दुख दूर हो जाता है. इसका इतिहास भी सैकड़ों वर्ष पुराना कई पीढ़ी से ग्वाला समुदाय के लोग कुशेश्वर नाथ के पुजारी […]
बांका :जिले के बाराहाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लबोखर गांव के करीब प्रसिद्ध पौराणिक कुशेश्वर नाथ महादेव का मंदिर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही मनुष्य का दुख दूर हो जाता है. इसका इतिहास भी सैकड़ों वर्ष पुराना कई पीढ़ी से ग्वाला समुदाय के लोग कुशेश्वर नाथ के पुजारी होते है. वर्तमान पुजारी कापरी ने बताया कि यहां की किवदंति प्रसिद्ध है. कथा के मुताबिक यहां पहले जंगल था.
वहीं लबोखर गांव वासी एक ग्वाला पशुपालक को अनेक गाय एवं भैंस थी. एक गाय हमेशा झुंड से अलग होकर कहीं गुम हो जाती थी. ग्वाले ने गांव वाले के साथ मिलकर गाय का पीछा किया. सच्चाई जानकार सभी आश्चर्यकित हो गये. यह गाय अपने थन से जंगल में स्थित कुश के घास वाली जगह पर दूध गिरा रही थी. इसी कारण इस महादेव का नाम भी कुशेश्वर महादेव पड़ा. यह महादेव मंदिर आज अंग क्षेत्र का प्रसिद्ध शिव मंदिर बन गया है.
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