ePaper

छापेमारी के विरोध में पीएचसी पर फूटा जनाक्रोश

Updated at : 12 Jan 2026 6:54 PM (IST)
विज्ञापन
छापेमारी के विरोध में  पीएचसी पर फूटा जनाक्रोश

कार्रवाई के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर पहले तालाबंदी की जाती

विज्ञापन

कार्रवाई के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर की जा रही तालाबंदी

गोह़ गोह प्रखंड में लगातार अवैध क्लिनिक व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर हो रही छापेमारी को लेकर अब आम लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा है. स्थानीय लोगों ने गोह के चिकित्सा पदाधिकारी शिव शंकर कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर पहले तालाबंदी की जाती है और उगाही नहीं होने पर सील करने की धमकी दी जाती है. इसी कड़ी में सोमवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब चिकित्सा पदाधिकारी शिव शंकर कुमार पुलिस पदाधिकारी व बल के साथ न्यू एरिया स्थित सुनील साव के घर पहुंचे. आरोप है कि वे चाहरदीवारी फांदकर किरायेदार ललन पासवान के घर में घुस गये और बाहर निकलकर दो ताले जड़ दिये. इस घटना के बाद आसपास के लोग आक्रोशित हो उठे और बड़ी संख्या में पीएचसी के मुख्य गेट पर पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शामिल ललन पासवान ने आरोप लगाया कि घटना के समय उनकी बहू घर के अंदर खाना बना रही थी, तभी बिना कोई नोटिस या जानकारी दिये चिकित्सा पदाधिकारी घर में घुस आये और ताला बंद कर दिया. उन्होंने इसे कानून का खुला उल्लंघन बताया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब से शिव शंकर कुमार की गोह अस्पताल में पदस्थापना हुई है, तब से अवैध उगाही की चर्चाएं लगातार सुनने को मिल रही हैं. चाहे मामला अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर का हो, अवैध क्लिनिक का या फिर आशा की बहाली का, हर जगह अनियमितता बरती जा रही है. लोगों का कहना है कि यह चर्चा बीते एक माह से पूरे गोह क्षेत्र में आम हो चुकी है. प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सा पदाधिकारी सप्ताह में केवल एक दिन ही अस्पताल आते हैं और उसी दिन शाम को चले जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गयी हैं. आम मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल चिकित्सा पदाधिकारी को यहां से हटाकर निष्पक्ष जांच नहीं करायी गयी, तो वे बाध्य होकर व्यापक आंदोलन करेंगे. लोगों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. श्याम कुमार, राजद नेता अजय यादव, धर्मेंद्र कुमार, रंजन कुमार, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संजय सिंह, ललन पासवान ने कहा कि मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाये.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

सिविल सर्जन कृष्ण कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई है और इसकी जांच करायी जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी. यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो दोषियों पर विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इधर, बीडीओ राजेश कुमार दिनकर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी के आवास में इस तरह घुसना गलत है. कार्रवाई की भी एक तय प्रक्रिया होती है, जिसका पालन अनिवार्य है. यदि नियमों की अनदेखी हुई है तो मामला गंभीर है. प्रशासन इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठायेगा. हालांकि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के मोबाइल नंबर 9113135267 पर पक्ष जानने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसिव नहीं किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUJIT KUMAR

लेखक के बारे में

By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन