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स्वतंत्रता आंदोलन में कुमार ब्रदीनारायण ने निभायी थी अहम भूमिका

Updated at : 15 Jan 2026 6:11 PM (IST)
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स्वतंत्रता आंदोलन में कुमार ब्रदीनारायण ने निभायी थी अहम भूमिका

अधिवक्ता संघ भवन में मनायी गयी पुण्यतिथि

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अधिवक्ता संघ भवन में मनायी गयी पुण्यतिथि औरंगाबाद शहर. जनेश्वर विकास केंद्र एवं जन विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी कुमार बद्रीनारायण सिंह की पुण्यतिथि अधिवक्ता संघ भवन में मनायी गयी. वरिष्ठ अधिवक्ता जयकृष्ण सिंह उर्फ नन्हे बाबू ने इसकी अध्यक्षता की. दीप जलाकर एवं कुमार बद्रीनारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी भैरवनाथ पाठक, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, ज्योतिषाचार्य शिव नारायण सिंह, पृथ्वीराज ट्रस्ट के उपाध्यक्ष जगदीश सिंह, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, वरिष्ठ कवि लवकुश प्रसाद सिंह, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्रीकांत अग्रवाल, पूर्व प्रखड विकास पदाधिकारी शिवबचन सिंह आदि शामिल हुए. अतिथियों का स्वागत उपाध्यक्ष रामचंद्र सिंह, अशोक सिंह, अरुण कुमार सिंह , वीरेंद्र कुमार सिंह, ई धीरेंद्र कुमार सिंह ने माल्यार्पण कर किया. स्वागत भाषण जनेश्वर विकास केंद्र के अध्यक्ष रामजी सिंह ने दिया. इसके बाद स्वतंत्रता आंदोलन में कुमार बद्रीनारायण सिंह की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ. बतौर मुख्य अतिथि अनुग्रह स्मारक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बद्री बाबू सुभाषचंद्र बोस के परम अनुयायी थे. उनके अनुरोध पर ही नेता जी दाउदनगर के चौरम आश्रम आये थे और सभा को संबोधित किया था. 1930 में गांधी जी द्वारा शुरू किये गये नमक सत्याग्रह का बिहार में नेतृत्व बद्री बाबू ही कर रहे थे. कर्मा गांव में नोनी मिट्टी और पानी से नमक बनाकर नमक कानून को प्रतीकात्मक रूप से तोड़ा था. मुख्य अतिथि भैरवनाथ पाठक, शिवनारायण सिंह, जगदीश सिंह, संजय सिंह ने कहा कि इतने बड़े स्वतंत्रता सेनानी के इतिहास से आज तक जिला वासी अनभिज्ञ हैं. एक महत्वपूर्ण सुझाव में कहा गया कि कुमार बद्रीनारायण सिंह और जिले के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के उपर किताब लिखी जानी चाहिए. साथ ही उनकी प्रतिमा कुमार बद्रीनारायण सिंह मार्केट के सामने लगनी चाहिए. सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने आश्वस्त किया कि महान स्वतंत्रता सेनानी बद्री बाबू के राष्ट्रप्रेम के इतिहास को देश स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने के लिए अगले वर्ष से उनके नाम पर महोत्सव आयोजित किया जायेगा, ताकि युवा पीढ़ी को उनके इतिहास को जानने का अवसर मिले. वहीं जिले के बड़े नामचीन कलाकारों द्वारा शानदार देशभक्ति प्रस्तुति ने लोगों की खूब तालियां बटोरी. इनमें मुकेश चोबे व धर्मेंद्र यादव प्रमुख थे. सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि वे गरीबों के हक व अधिकार के लिए आजीवन लड़ते रहे. वक्ताओं ने बताया कि कुमार बद्रीनारायण सिंह और राजा नारायण सिंह ने देश के लिए शहादत देने वाले बहुत बड़े स्वतंत्रता सेनानी थे. इसके बावजूद इन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं मिल पाया. 1942 में गेट स्कूल पर ब्रिटिश झंडा उतारकर तिरंगा झंडा फहराने वाले राजेंद्र प्रसाद सिंह के पुत्र कर्मावासी काले बाबू और स्वतंत्रता सेनानी विजय किशोर शास्त्री के पुत्र डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र को अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया. कवि डॉ हेरंब कुमार मिश्र, श्रीराम राय, कौशल किशोर ने अपने काव्य से लोगों की खूब तालियां बटोरी. इस मौके पर वीरेंद्र गुप्ता पूर्व , संतोष पांडेय, प्रधानाध्यापक उज्जवल रंजन, पुलिस अधिकारी सिंहेश सिंह ,प्रमोद सिंह, रामचंद्र सिंह, अजीत सिंह, विवेक कुमार, ई धीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUDHIR KUMAR SINGH

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