एक ही फोटो से लगाई हाजिरी, औरंगाबाद में 11 शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी, जांच में खुलासा

बिहार शिक्षा विभाग
Bihar Teacher Attendence: औरंगाबाद में इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति में गड़बड़ी सामने आई है. जांच में 11 शिक्षकों द्वारा नियमों का पालन न करने का मामला पकड़ा गया है. विभाग ने सभी से 48 घंटे में जवाब मांगा है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.
Bihar Teacher Attendence: औरंगाबाद जिले में शिक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी में गड़बड़ी मिलने के बाद विभाग ने 11 शिक्षकों और शिक्षिकाओं से जवाब मांगा है. यह मामला फरवरी 2026 की उपस्थिति की जांच के दौरान सामने आया. इसके बाद विभाग हरकत में आ गया. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि सभी शिक्षकों को रोजाना इ-शिक्षाकोष ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करना जरूरी है. लेकिन जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों ने नियमों का पालन नहीं किया. कुछ ने एक ही फोटो को कई दिनों तक बार-बार अपलोड किया. कुछ ने कई तारीखों में अपनी उपस्थिति दर्ज ही नहीं की.
रिकॉर्ड में पाई गई गड़बड़ी
जांच के दौरान कई स्कूलों के नाम सामने आए हैं. इनमें सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय खरंजा, मदनपुर के मध्य विद्यालय बेला, मध्य विद्यालय बाजितपुर, गोह प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनी कैथी, कन्या मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय गणेशनगर मनिका, प्राथमिक विद्यालय कुशा, प्राथमिक विद्यालय हसनबार फुदकी, उच्च विद्यालय बेरी और सागरपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं. इन स्कूलों के शिक्षकों की उपस्थिति रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई है.
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ शिक्षकों ने 14 फरवरी को ली गई एक ही फोटो को 17 से 28 फरवरी तक लगातार इस्तेमाल किया. कई मामलों में 4 से 6 फरवरी और 23 से 27 फरवरी तक उपस्थिति दर्ज ही नहीं की गई. इससे साफ है कि नियम का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है.
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इन शिक्षकों से मांगा गया जवाब
विभाग में अभिनव तिवारी, अभिषेक आनंद, अभिषेक सिंह, अल्पना भारती, अमरेंद्र कुमार, अमरेंद्र कुमार ज्ञानी, अरविंद कुमार, अनामिका कुमारी, आशिष कुमार और अभिजीत कुमार नाम के शिक्षकों से जवाब मांगा है. सभी पर अलग-अलग तरह की लापरवाही के आरोप हैं.
शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को 48 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग का कहना है कि डिजिटल सिस्टम का मकसद पारदर्शिता लाना है, लेकिन इस तरह की गड़बड़ी से व्यवस्था पर सवाल उठते हैं. विभाग ने कहा है कि आगे भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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