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Aurangabad News : राजकीय महोत्सव में खर्च को सार्वजनिक करने की उठी मांग

Updated at : 19 Mar 2025 10:06 PM (IST)
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Aurangabad News : राजकीय महोत्सव में खर्च को सार्वजनिक करने की उठी मांग

Aurangabad News : जिले में लगभग 21 महोत्सव आयोजित हो रहे हैं, जिसमें कई महोत्सव सरकारीकरण हो गये हैं, लेकिन काफी दुर्भाग्य की बात है कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले महोत्सव के मुख्य उद्देश्य साबित नहीं हो रहे

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औरंगाबाद नगर. अधिवक्ता संघ सभागार में जिला महोत्सव परिवार की महोत्सव से संबंधित समीक्षा बैठक हुई. अध्यक्षता विष्णु धाम महोत्सव के अध्यक्ष अजीत सिंह की. उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 21 महोत्सव आयोजित हो रहे हैं, जिसमें कई महोत्सव सरकारीकरण हो गये हैं, लेकिन काफी दुर्भाग्य की बात है कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले महोत्सव के मुख्य उद्देश्य साबित नहीं हो रहे हैं. महोत्सव का उद्देश्य तभी सार्थक साबित होंगे जब महोत्सव के लिए जनसभागिता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जायेगी. बैठक का संचालन करते हुए अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि इस वर्ष सूर्य महोत्सव, मां गजना महोत्सव, उमेश्वरी महोत्सव जैसे कई राजकीय महोत्सव संपन्न हुए. इसमें होने वाली सरकारी खर्च को जिला प्रशासन समाज के समक्ष सार्वजनिक करें. इसकी मांग जिला महोत्सव परिवार जिला प्रशासन से रखता है. महोत्सव परिवार के सदस्यों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन से मांग रखते हुए कहा कि आयोजित होने वाले महोत्सव में धार्मिक स्थलों को बढ़ावा देने के लिए उसे जगहों के नाम पर स्मारिका जैसे पुस्तकों का प्रकाशन हो. उस धार्मिक स्थलों के इतिहास को संदर्भ में संगोष्ठी सभा जैसे कार्यक्रम आयोजित हो. महोत्सव के माध्यम से जिन क्षेत्रों का लोकप्रियता हासिल है जैसे मगहिया का पान वहां के कृषि उत्पादन चीजों का और धार्मिक स्थलों के प्रचार-प्रसार पर बढ़ावा दे. जिले के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देते हुए उनकी प्रतिभा को देश स्तर पर नयी पहचान देने के लिए विशेष रूप से प्राथमिकता दें. सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों को महोत्सव में प्राथमिकता दी जाये. महोत्सव में बाहरी कलाकार को आमंत्रित करने में पुरानी महोत्सव समिति के लोगों को भी सुझाव सुनिश्चित की जाये. महोत्सव बस एक मनोरंजन तक ही सीमित रह गया है. महोत्सव के उद्देश्य सार्थक साबित होते हुए नहीं दिख रहे हैं. महोत्सव परिवार ने 1992 में देव महोत्सव से जिले में महोत्सव की शुरुआत की थी. महोत्सव का शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य यही था कि महोत्सव के माध्यम से धार्मिक स्थलों के प्रचार- प्रसार को बढ़ावा मिले. विभिन्न क्षेत्र से जुड़े हुए प्रतिभाशाली व्यक्तियों को महोत्सव के मंच से बढ़ावा दिया जा सके. जिले के प्राचीन वस्तुओं एवं कृषि उत्पादन जैसे वस्तुओं का बढ़ावा मिले. देवकुंड महोत्सव के अध्यक्ष लालदेव प्रसाद ,जिला महोत्सव के अध्यक्ष रामजी सिंह, सीता थापा के महोत्सव के अध्यक्ष विनय सिंह, सत्यचंडी धाम महोत्सव के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, कल्पवृक्ष महोत्सव के अध्यक्ष अशोक सिंह आदि लोगों ने संयुक्त रूप से कहा की जिला प्रशासन महोत्सव को सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित न रखें. महोत्सव के उद्देश्यों को पूरक करें ताकि महोत्सव के आयोजन सार्थक साबित हो. मौके पर राजेंद्र सिंह, धनंजय कुमार सिंह, राकेश कुमार, वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अशोक सिंह, लव कुश प्रसाद, प्रकाश पासवान, कमलेश सिंह,राजीव कुमार सिंह, सुजीत कुमार,आदित्य श्रीवास्तव, राजकुमार, साहित्यकार कालिका सिंह, जितेंद्र कुमार सिन्हा, संजय कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह आदि कई लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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