थानों के मामलों में संज्ञान लेने का भी अधिकार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Feb 2014 5:41 AM

विज्ञापन

सुधीर कुमार सिन्हा औरंगाबाद : उच्च न्यायालय पटना के आदेश के आलोक में औरंगाबाद व दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्रों के थानों के मामले में संज्ञान लेने का अधिकार सीजेएम के अलावा अन्य न्यायिक दंडाधिकारियों को भी दिया गया है. जिले के सभी थानों का बंटवारा करते हुए अलग-अलग न्यायिक दंडाधिकारियों के बीच किया गया है. थानों […]

विज्ञापन

सुधीर कुमार सिन्हा

औरंगाबाद : उच्च न्यायालय पटना के आदेश के आलोक में औरंगाबाद व दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्रों के थानों के मामले में संज्ञान लेने का अधिकार सीजेएम के अलावा अन्य न्यायिक दंडाधिकारियों को भी दिया गया है. जिले के सभी थानों का बंटवारा करते हुए अलग-अलग न्यायिक दंडाधिकारियों के बीच किया गया है.

थानों के बंटवारा के बाद औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अलावा अन्य प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी भी मामलों की सुनवाई करेंगे.

इसके लिए औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एक-एक प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारियों को दो-दो थानों के मामले में संज्ञान लेने का अधिकार दिया गया है. प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी एके गुप्ता को पौथु व ढ़िबरा थाना, न्यायिक दंडाधिकारी अभय श्रीवास्तव को फेसर व माली थाना, न्यायिक दंडाधिकारी आरके तिवारी को रिसीयप व सलैया थाना, न्यायिक दंडाधिकारी डीएन श्रीवास्तव को कुटुंबा व टंडवा थाना व एक अन्य एसजेएम को नवीनगर व जम्होर थाना तथा एक एसडीजेएम को अनुसूचित जनजाति व महिला थाना सौंपा गया है.

वहीं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी धनेश्वर राम को दाउदनगर, ओबरा, गोह व बंदेया थाना, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विनय शंकर को खुदवां, उपहारा थाना व प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश चंद्र मिश्र को हसपुरा, देवकुंड थानों से संबंधित मुकदमों की सुनवाई करेंगे. इन थानों के अलावा बाकी के अन्य थानों के मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ही करेंगे.

पहले जीआर नंबर जरूरी

थानों से मामले आने के बाद पहले सीजेएम के यहां जीआर नंबर दर्ज किया जायेगा, फिर उसे संबंधित न्यायिक दंडाधिकारियों के पास भेजा जायेगा. इससे सीजेएम कोर्ट में मामले का बोझ तो कम होगा ही साथ ही तेज गति से मामले का निष्पादन होगा. इस आदेश का अनुपालन एक मार्च से हर हाल में किया जायेगा.

इससे संबंधित पत्र जारी कर सभी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक को दे दी गयी है. पुलिस अधीक्षक को जिम्मेवारी दी गयी है कि जिन मजिस्ट्रेट के अंदर में जो थाना है, वहां के थाना प्रभारी को बतायें, ताकि पुलिस पदाधिकारी व केस करने वाला को सहूलियत हो सके.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन