तेज रफ्तार वाहन ने पेंटर को कुचला, मौत

Published at :18 Mar 2016 7:22 AM (IST)
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तेज रफ्तार वाहन ने पेंटर को कुचला, मौत

तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मौत का सिलसिला जारी है. प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सड़क हादसे नहीं रुक रहे हैं. वहीं, घायलों के इलाज में लापरवाही बरतने पर सदर अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. औरंगाबाद (ग्रामीण) : शहर के महाराजगंज रोड में बुधवार की […]

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तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मौत का सिलसिला जारी है. प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सड़क हादसे नहीं रुक रहे हैं. वहीं, घायलों के इलाज में लापरवाही बरतने पर सदर अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

औरंगाबाद (ग्रामीण) : शहर के महाराजगंज रोड में बुधवार की रात एक तेज रफ्तार चारपहिया वाहन नावाडीहबिगहा 40 वर्षीय मकसूद आलम को कुचल कर फरार हो गया. शिक्षक निशांत कुमार व एनएसयूआइ के जिला उपाध्यक्ष विवेक सिंह ने अन्य लोगों के सहयोग से गंभीर रूप से घायल पेंटर को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गये. करीब छह घंटे के बाद इलाज के दौरान अस्पताल में ही मोहम्मद मकसूद ने दम तोड़ दिया. मृतक पेशे से पेंटर था. गुुरुवार की सुबह सूचना पाकर मकसूद के परिजन अस्पताल पहुंचे. नगर थाने के दारोगा मो. तलहा ने पेंटर के परिजनो का बयान दर्ज किया.जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मकसूद औरंगाबाद शहर स्थित एक गैरेज में पेंटर का काम करता था.

काम समाप्त होने के बाद बुधवार की रात महाराजगंज रोड होते हुए वह पैदल ही अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने वी-मार्ट दुकान के पास पेंटर को कुचल दिया अौर फरार हो गया. इधर कांग्रेस नेता मोहम्मद इरफान ने बताया कि मकसूद की पांच बेटियां हैं. वह गैराज में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. उसकी मौत के बाद परिवार का सहारा छीन गया. इस घटना से नावाडीहबिगहा के लोग भी गमगीन हैं.

चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप

पेंटर मोहम्मद मकसूद की मौत के बाद एनएसयूआइ के छात्र नेताओं ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. एनएसयूआइ के जिला उपाध्यक्ष विवेक सिंह के नेतृत्व में मोहम्मद मजहर, शुभम, राहुल व जितेंद्र कुमार ने सिविल सर्जन के नाम एक शिकायत पत्र सदर अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ तपेश्वर प्रसाद को सौंपा.

ज्ञापन में छात्र नेताओं ने कहा है कि घायल अवस्था में मकसूद को अस्पताल लाया गया था, उस वक्त उसकी स्थिति खतरे से बाहर थी. लेकिन, इलाज के नाम पर उसकी सिर्फ बैंडेज व पट्टी की गयी. इलाज के अभाव में मकसूद की मौत हुई है. लचर चिकित्सीय व्यवस्था देख कर सदर अस्पताल की पोल खुल गयी.

छात्र नेताओं ने अस्पताल उपाधीक्षक को स्पष्ट कहा है कि अगर एक महीने के भीतर सदर अस्पताल में चिकित्सीय व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा. आखिर कब तक सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जाती रहेगी. इधर, विवेक सिंह ने बताया कि उपाधीक्षक ने छात्र नेताओं को भरोसा दिलाया है कि चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर करने के लिये विभाग व सरकार को लिखेंगे.

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