कभी भी हो जा सकता है धराशायी

Published at :19 Feb 2016 5:36 AM (IST)
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कभी भी हो जा सकता है धराशायी

असुरक्षित महसूस कर रहे अधिकारी व कर्मचारी औरंगाबाद (सदर) : कई सरकारी कार्यालय ऐसे हैं जो अपनी भूमि व भवन के अभाव में किसी निजी मकान चल रहे हैं. औरंगाबाद स्थित बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय भी एक निजी मकान में चल रहा है. होमगार्ड को पुलिस बल की तरह ही पुलिस विभाग का एक […]

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असुरक्षित महसूस कर रहे अधिकारी व कर्मचारी
औरंगाबाद (सदर) : कई सरकारी कार्यालय ऐसे हैं जो अपनी भूमि व भवन के अभाव में किसी निजी मकान चल रहे हैं. औरंगाबाद स्थित बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय भी एक निजी मकान में चल रहा है. होमगार्ड को पुलिस बल की तरह ही पुलिस विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है.
गृह रक्षा वाहिनी बल का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए किया जाता रहा है. लेकिन आज ये सुरक्षाकर्मी खुद असुरक्षित हैं. होमगार्ड के जवान भी अपनी तुलना पुलिस बलों से करते हैं. होमगार्डों के लिए आवास की सुविधा ऐसी है कि ड्यूटी के बाद होमगार्ड के जवान चैन की नीद लेने के बजाया खौफ के साये में रात गुजारते हैं. बरसात में छत की ओर टकटकी लगाये रहते हैं. कार्यालय में काम करनेवाले होमगार्ड व कर्मचारी दुर्घटना की शंका से घिरे रहते हैं.
होमगार्ड डीजी का आश्वासन नहीं हुआ पूरा
रामलखन सिंह यादव कॉलेज के समीप एक निजी भवन में 32 वर्षों बिहार गृह रक्षा वाहिनी का कार्यालय चल रहा है. यह भवन जर्जर अवस्था में है. कभी भी ध्वस्त हो सकता है. जानकारी के अनुसार, छह महीने पूर्व होमगार्ड के डीजी पीएन राय ने चार जिले के अधिकारियों के साथ समाहरणालय स्थित पुलिस कक्ष में बैठक की थी. उस दौरान मीडिया कर्मियो को जानकारी देते हुए बताया था कि औरंगाबाद के जर्जर होमगार्ड कार्यालय का जीर्णोद्धार किया जायेगा. साथ ही होमगार्ड के जवानों को प्रशिक्षण देने के लिये अलग से एक प्रशिक्षण केंद्र बनाया जायेगा.
विभाग को लिखा गया है पत्र : जिला समादेष्टा
जिला समादेष्टा रश्मि ने बताया कि भवन के लिए पत्राचार किया गया हैं. पिछले वर्ष के अंतिम माह के चार दिसंबर को पदभार संभाला था. उस वक्त कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति देख कर चिंता हुई थी. जर्जर भवन की स्थिति के बारे में जिलाधिकारी व बिहार गृह रक्षा वाहिनी पटना को पत्र भी लिखा गया है, जिसमें भवन व भूमि उपलब्ध कराने की बात कही गयी है.
मुख्यालय डीजी स्तर से भी कारा महानिरीक्षक को पत्र लिखा गया. उसमें भूमि व भवन का आकलन करा कर प्रतिवेदन मांगी गयी थी. उपर्युक्त जमीन का आकलन करा कर डीएम को इससे अवगत कराना था. मंडल कारा के 1.8 एकड़ जमीन का आकलन करा कर डीएम को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय के प्रशिक्षण केंद्र, बैरक, आवास व भंडार गृह की बेहद जरूरी है.
जिले में 1140 की संख्या में हैं होमगार्ड
विभाग के अनुसार पूरे जिले में 1140 होमगार्ड के जवान हैं. इसमें दो की मृत्यु हो चुकी है. गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय में कार्यरत होमगार्ड लक्ष्मी साह व राम नाथ सिंह ने बताया कि इस कार्यालय में 17 होमगार्ड के जवान प्रतिनियुक्त हैं. कर्मचारियों व पदाधिकारियों की संख्या आठ है. जर्जर भवन में काम करते हुये डर भी लगता है.
जमीन की करायी जायेगी व्यवस्था : डीएम
जिलाधिकारी कंवल तनुज ने बताया कि गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है.
जमीन के चयन के लिए सीओ को निर्देश दिया गया है. शीघ्र ही जगह चिह्नित कर लिया जायेगा. वैसे मंडल कारा की जमीन का आकलन कराया गया है. जल्द ही गृह रक्षा वाहिनी का कार्यालय बनाया जायेगा.
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