डिंडिर स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील

Published at :25 Nov 2015 6:58 PM (IST)
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डिंडिर स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील

डिंडिर स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा लाभ(फोटो नंबर-1) परिचय- खंडहरनुमा स्वास्थ्य केंद्र डिंडिर का भवन देवकुंड. स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभाग द्वारा हर तरफ बेहतरी के दावे किये जा रहे हैं, मरीजों को सुविधा हो इसके लिए सभी रेफरल अस्पताल में जेनेरीक दवा की दुकानें खोली जा रही है. […]

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डिंडिर स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा लाभ(फोटो नंबर-1) परिचय- खंडहरनुमा स्वास्थ्य केंद्र डिंडिर का भवन देवकुंड. स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभाग द्वारा हर तरफ बेहतरी के दावे किये जा रहे हैं, मरीजों को सुविधा हो इसके लिए सभी रेफरल अस्पताल में जेनेरीक दवा की दुकानें खोली जा रही है. ताकि लगे की बिहार में स्वास्थ्य सुविधा बहुत अच्छी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जिस अस्पताल से सैकड़ों मरीजों का प्रतिदिन इलाज होता था उसको दरकिनार रखते हुए केवल शहरी क्षेत्र के अस्पतालों को कारगर व सुविधाजनक बनाया जा रहा है. इसके कारण गांवों में रहनेवाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. हसपुरा प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्र डिंडिर में दशकों पहले दर्जनों गांव के सैकड़ों मरीजों का इलाज होता था, लेकिन आज विभागीय अनदेखी के कारण खंडहर में तब्दील हो गया है. यह दशा लगभग दशकों से बना हुआ है,लेकिन विभागीय कार्रवाई अभी तक नहीं हो पायी है. इस अस्पताल से कई गांवों के लोगों को इलाज व दवा की सुविधाएं मिलती थी, लेकिन आज न यहां स्थायी रूप से डाक्टर बैठते है़ं न मरीजों का इलाज होता है. हालांकि जिस जगह पर यह स्वास्थ्य केंद्र है,उस जगह के लोग आज भी अस्पताल के नाम से जानते हैं, लेकिन उसी जगह आज पंचायत सरकार भवन का निर्माण हो रहा है. जब शुरू में वहां निर्माण प्रारंभ हुआ तो लोगों में आस जगी की अस्पताल भवन में कार्य प्रारंभ हो गया है,लेकिन जैसे ही लोगों को जानकारी हुई की यह अस्पताल भवन नहीं बल्कि पंचायत सरकार भवन बनाया जा रहा है, तो लोगों में पुन:निराशा छा गयी. इसको लेकर बुधवार को प्रभात खबर की टीम ने स्थानीय लोगों से बात की तो सभी ने अलग-अलग अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. ————————————–जब यहां अस्पताल चालू था तो जखौरा, टनकुपी, शाहपुर, बघोई, मेरीगंज, दिलावरपुर रतनपुर, पांडेय बिगहा सहित आसपास के कई गांवों से मरीज इलाज कराने को लेकर पहुंचते थे,लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इस अस्पताल की तरफ किसी की ध्यान नहीं है.संतोष कुमार, डिंडिरडिंडिर में खंडहर बना अस्पताल में मात्र अब अवशेष ही निशानी के रूप में रह गये हैं. अब यहां न समय पर डाक्टर आते हैं न ही आज तक जर्जर भवन को बनाने के लिए विभागीय पहल ही हुइ है, अगर स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान होता तो लोगों की निराशा वापस नहीं लौटना पड़ता.अजय शर्मा, डिंडिर——————————– एएनएम को हो रही परेशानी इस संबंध में हसपुरा रेफरल अस्पताल के चिकित्सक प्रभारी आरएन ओझा ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र डिंडिर में भवन खंडरनुमा हो गया है, जिसके कारण वहां पदस्थापित एएनएम को बैठने में परेशानी होती है. बावजूद डिंडिर गांव में जाकर किसी तरह मरीजों का इलाज व बच्चों को टीकाकरण का कार्य करती है. भवन निर्माण को लेकर विभाग को कई बार लिखा गया है,लेकिन अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है. यह आप खुद समझ सकते हैं कि चिकित्सा पदाधिकारी के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद भी विभागीय पहल नहीं हो पा रही है तो स्वास्थ्य विभाग का क्या हाल है.

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