आठ हजार रुपये लेकर दारोगा ने युवक को छोड़ा

Published at :04 Nov 2015 9:06 PM (IST)
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आठ हजार रुपये लेकर दारोगा ने युवक को छोड़ा

अाठ हजार रुपये लेकर दारोगा ने युवक को छोड़ा डिंडिर गांव के राकेश ठाकुर ने लगाया हसुपरा थाने के दारोगा पर आरोपयुवक ने कहा-दारोगा ने दर्ज नहीं की चोरी की प्राथमिकी, उल्टे हाजत में किया बंद परिजनों ने दिये रुपये, तब जाकर उसे छोड़ा गया थाने के हाजत से प्रतिनिधि, देवकुंड (औरंगाबाद)सरकार व पुलिस विभाग […]

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अाठ हजार रुपये लेकर दारोगा ने युवक को छोड़ा डिंडिर गांव के राकेश ठाकुर ने लगाया हसुपरा थाने के दारोगा पर आरोपयुवक ने कहा-दारोगा ने दर्ज नहीं की चोरी की प्राथमिकी, उल्टे हाजत में किया बंद परिजनों ने दिये रुपये, तब जाकर उसे छोड़ा गया थाने के हाजत से प्रतिनिधि, देवकुंड (औरंगाबाद)सरकार व पुलिस विभाग के अधिकारी, पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चंद पदाधिकारी अपने कारनामों से पुलिस महकमे को बदनाम करने पर लगे हुए हुए हैं. ऐसा ही एक मामला हसपुरा थाने में आया है, जिसकी चर्चा इलाके में है. एक दारोगा पर आरोप लगाया गया है कि उसने पैसे ऐंठने की नीयत से एक गरीब व्यक्ति काे रात भर अनुचित तरीके से थाने में रखा. काफी गिड़गिड़ाने के बाद अगले दिन उक्त व्यक्ति से साढ़े आठ हजार रुपये लेकर ही छोड़ा. पीड़ित हसपुरा थाना के डिंडिर गांव के जवाहिर ठाकुर का बेटा राकेश ठाकुर है. राकेश ठाकुर ने बताया कि वह अपने घर के कमरे में बने छज्जे पर बरतन व गहने रखे थे. शनिवार के दिन जब दीपावली को लेकर घर की सफाई करने लगा, तो देखा गहने व बरतन गायब थे. उधर, उसी दिन उसका भाई दिलीप ठाकुर अपनी पत्नी प्रेमा देवी व दो बच्चों के साथ फरार हो गया. भाइ व उसकी पत्नी पर चोरी का शक होने पर राकेश ठाकुर अपनी मां व पत्नी के साथ हसपुरा थाना पहुंचा और शिकायत दर्ज करनी चाही, लेकिन हसपुरा पुलिस ने आरोपित को पकड़ने की बात कह कर मामला दर्ज करने से टाल दिया. इसके बाद रविवार को राकेश के भाई की पत्नी ने उस पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए हसपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. थाने के दारोगा प्रभुनाथ प्रसाद ने बगैर प्राथमिकी की कोई जानकारी दिये बहाने से राकेश को थाने में बुलाया और दो-चार थप्पड़ लगाते हुए हाजत में बंद कर दिया. इसके बाद राकेश का आरोप है कि दारोगा ने उसे छोड़ने के एवज में साढ़े आठ हजार रुपये मांगे. रुपये देन में असमर्थता जताने पर दारोगा ने राकेश को रात भर थाने के हाजत में ही रखा. राकेश के परिजनों ने कर्ज लेकर साढ़े आठ हजार रुपये दारोगा प्रभुनाथ प्रसाद को दिया, जब जाकर 18 घंटे बाद राकेश को थाने से ही छोड़ा गया. मामला उजागर होने के बाद इलाके में आक्रोश है. लोगों ने दारोगा से पैसा वापस करने और माफी मांगने की मांग कर रहे हैं. ऐसा न होने पर स्थानीय लोग उग्र आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं. इधर, पूरे मामले की जानकारी देने पर छुट्टी पर गये हसपुरा थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने भी दारोगा की गलती मानी, लेकिन उस पर अब तक किसी विभागीय कार्रवाई होने की सूचना नहीं है. इस संबंध में दारोगा रघुनाथ प्रसाद के मोबाइल नंबर 9835872401 पर संपर्क करने की कई बार कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इसके बाद प्रभात खबर के गया कार्यालय से भी कई बार फोन किया गया. पहली बार में दूसरी तरफ से किसी ने फोन उठाया और पूछा कि कौन बोल रहा है. जब तक उन्हें यह बताया जाता कि प्रभात खबर के गया ऑफिस से बोल रहे हैं कि फोन अचानक कट गया. इसके बाद मोबाइल नंबर 9835872401 पर लगातार रिंग होता रहा, लेकिन दूसरी तरफ से फोन रिसीव नहीं किया गया. इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी बाबू राम ने बताया कि जो हुआ है वह गलत है. मामले की जांच की जायेगी. दोषी पाये जाने पर दारोगा पर उचित कार्रवाई होगी.

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