पारिवारिक माहौल में अपनी बातों को रख सकेंगे किशोर
Updated at : 25 Oct 2019 7:37 AM (IST)
विज्ञापन

औरंगाबाद : पटना हाईकोर्ट के निरीक्षी जज मधुरेश प्रसाद ने गुरुवार को औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय स्थित बाल न्यायालय का उद्घाटन फीता काट कर किया. इस दौरान जिला जज श्रीगोपाल मिश्र, जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल, पुलिस अधीक्षक दीपक बरनवाल सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे. बाल न्यायालय का उद्घाटन करने के बाद निरीक्षी जज ने उपस्थित […]
विज्ञापन
औरंगाबाद : पटना हाईकोर्ट के निरीक्षी जज मधुरेश प्रसाद ने गुरुवार को औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय स्थित बाल न्यायालय का उद्घाटन फीता काट कर किया. इस दौरान जिला जज श्रीगोपाल मिश्र, जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल, पुलिस अधीक्षक दीपक बरनवाल सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे. बाल न्यायालय का उद्घाटन करने के बाद निरीक्षी जज ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर बाल न्यायालय सभी व्यवहार न्यायालयों में खोला जा रहा है.
इस न्यायालय की अवधरणा की शुरुआत सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस मदन बी लोकुर द्वारा की गयी थी. उनका उदेश्य था कि छोटे-छोटे किशोर के साथ होने वाले अपराधों का विचारण परिवारिक माहौल में परिवार की उपस्थिति में हो, ताकि पीड़ित बालक अपने साथ हुए अपराध को नि:संकोच बिना डर भय के न्यायालय में रख सकें. इसी उद्देश्य के साथ बाल न्यायालय खोला गया है.
इस न्यायालय में बच्चों को खेलने से लेकर रहने तक की समुचित व्यवस्था की गयी है. अब किसी बालकों व किशोरों के साथ किसी प्रकार की कोई घटना होती है तो वे नि:संकोच अपनी बातों को बाल न्यायालय में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी के समक्ष रख सकेंगे. इस न्यायालय में उन्हें पता तक नहीं चलेगा कि हम न्यायालय में आये हुए है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




