जिंदगी से जंग लड़ हरा है विंदेश्वर राम, ब्रेन में ब्लड की क्लॉटिंग बरकरार, चिकित्सक ने कहा अभी स्वास्थ्य में सुधार के लिए करना पड़ेगा इंतजार

Updated at : 07 Sep 2024 7:23 PM (IST)
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जिंदगी से जंग लड़ हरा है विंदेश्वर राम, ब्रेन में ब्लड की क्लॉटिंग बरकरार, चिकित्सक ने कहा अभी स्वास्थ्य में सुधार के लिए करना पड़ेगा इंतजार

परिजन मांग रहे भगवान से दुआ

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पीआरएस प्रताड़ना मामला, न्यूरो अस्पताल नेपाल के आइसीयू में गंभीर स्थिति में भर्ती है पीआरएस

अपने साथी को स्वस्थ करने की दिशा में पीआरएस संघ तैयार, आर्थिक मदद भी की जायेगी: नवल कुमार, प्रवक्ता पीआरएस संघ

फोटो:45-चिंतित मुद्रा में पीआरएस विदेश्वर राम की पत्नी, पुत्र व परिजन.

मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया गुरुवार को डीपीओ की प्रताड़ना के बाद आहत पीआरएस की स्थिति ठीक नहीं है. वे गुरुवार की संध्या से ही पड़ोसी देश नेपाल के न्यूरो अस्पताल के आइसीयू वार्ड में भर्ती हैं. चिकित्सक ब्रेन हैमरेज में ब्लड क्लाटिंग की बात कह रहे हैं, ब्लड क्लाटिंग को दवा के जरिये ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन तीन दिनों में अब तक चिकित्सक सफ नहीं हो पाये हैं. शनिवार को पीआरएस संघ अररिया के प्रवक्ता नवल कुमार नेपाल के न्यूरो अस्पताल में भर्ती अपने साथी पीआरएस विंदेश्वर राम से मिलने पहुंचे. नवल ने दूरभाष पर बताया कि उनके सहयोगी की आंखें तो खुली हुई है लेकिन वे ना तो किसी से बात कर पा रहे हैं ना हीं वे कुछ समझ हीं रहे हैं. एक-टक बस आसमान की तरफ देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार का मदद परिजन तक नहीं पहुंचा है. मनरेगा के कर्मी व पीआरएस के द्वारा आर्थिक मदद करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, हर हाल में अपने मित्र का इलाज करा कर उन्हें काम पर वापस ले जायेंगे. साथ हीं पीआरएस संघ का आंदोलन भी जारी रहेगा.

17 वर्षों से पिताजी कर रहे हैं पीआरएस की नौकरी, लेकिन आज तक नहीं हुए अधिकारी की बात से आहत

वहीं पीआरएस विंदेश्वर राम के बड़े पुत्र बालेंदु कुमार ने बताया कि न्यूरो में लगातार रुपये की जरूरत पड़ रही है, इसकी व्यवस्था वह व उनकी मां शिक्षिका दुर्गा देवी परेशान हैं. परिवार में पिता ही सब कुछ थे, उनके बाद हमारा कोई नहीं है. प्रशासनिक महकमा से कोई भी हाल तक जानने नहीं पहुंचा है, आर्थिक मदद की बात तो दूर है. पापा के साथी पीआरएस संघ के द्वारा आवश्यक मदद की जा रही है. बालेंदु ने बताया कि बार-बार मां भी आइसीयू में पिता जी से बात करने का प्रयास करती है, लेकिन वे तो बस आसमान की तरफ देख रहे हैं, मुंह से कुछ तो बोल हीं नहीं रहे हैं. पिता जी विगत 17 वर्षों से मनरेगा में पीआरएस के पद पर हैं, लेकिन कभी किसी अधिकारी ने उन्हें इस कदर प्रताड़ित नहीं किया था, लेकिन इस बार तो हद ही कर दी. उन्होंने कहा कि उनके पिता को कुछ भी हुआ तो वे लोग भी चुप नहीं बैठेंगे. बालेंदु ने बताया कि जैसे-तैसे कर अब तक एक लाख रुपये की व्यवस्था कर इलाज कर रहा हूं, चिकित्सक ने कहा है कि ब्लड क्लाटिंग को दवा से सही करने का प्रयास कर रहा हूं, अगर स्थिति नहीं सुधरी तो ऑपरेशन करना होगा. हम लोग रात दिन इश्वर से पिताजी के ठीक होने की कामना कर रहे हैं.

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