नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाना जरूरी

श्री रानी सरस्वती विद्य मंदिर में आचार्य कार्यशाला का समापन
फारबिसगंज. श्री रानी सरस्वती विद्या मंदिर फारबिसगंज में आयोजित तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का समापन प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य आचार्यों के शैक्षणिक कौशल का उन्नयन एवं शिक्षण पद्धतियों को और अधिक प्रभावी बनाना था. समापन सत्र में मुख्य अतिथि विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सह सचिव राकेश रौशन ने अपने उद्बोधन में कक्षा प्रबंधन, गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रभावी पाठ योजना, शिक्षण कौशल एवं स्किल एजुकेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है. इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार मिश्र ने कार्यशाला के दौरान प्राप्त अनुभवों को दैनिक शिक्षण में लागू करने का आह्वान किया. वहीं शिशु मंदिर खंड के प्रधानाचार्य रामनरेश सिंह ने भी आचार्यों को निरंतर आत्मविकास के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में उपस्थित सभी आचार्य बंधु-भगिनियों ने सक्रिय सहभागिता निभायी. कार्यशाला के समापन के साथ ही सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनायेंगे.
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