अररिया. न्यायमंडल के जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिबंधित गांजा तस्करी का का मामला प्रमाणित होने पर जिले के सिकटी थाना क्षेत्र के दहगामा गांव शशिकांत मिश्रा पिता स्व मधुकांत मिश्र को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनायी है. दोषी को कारावास की सजा के अलावा 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. वहीं जुर्माना की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अलग से 05 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. यह सजा एनडीपीएस केस नंबर 05/2024 में सुनाया गया है. सरकार की ओर से एनडीपीएस एक्ट के स्पेशल पीपी अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर 52 वीं वाहिनी एसएसबी अररिया के सहायक कमांडेंट सी विवेक सदल-बल के साथ दहगामा वार्ड संख्या 04 के पास से चिह्नित आरोपी को 04 अक्तूबर 2023 को धरदबोचा था. आरोपी के पास से 01 किलो 08 सौ 50 ग्राम गांजा बरामद किया गया. इस मामले में सहायक कमांडेंट सी विवेक ने आरोपी के विरुद्ध सिकटी थाना कांड संख्या 260/2023 दर्ज करवाया था. कोर्ट में आइओ ने 25 दिसंबर 2023 को आरोप पत्र समर्पित किया. न्यायाधीश ने 09 जनवरी 2024 को संज्ञान लिया. दिनांक 11 मार्च 2024 को न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप गठन किया गया. आरोप गठन के बिंदु पर आरोपी ने अपने आप को निर्दोष बताया था. इसके बाद 19 जुलाई 2024 से अभियोजन साक्ष्य प्रारंभ किया गया. सभी गवाहों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया. गवाहों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश रवि कुमार ने आरोपी को दोषी पाया. बचाव पक्ष से अधिवक्ता वरुण कुमार झा ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई थी.
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