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बाढ़ पीड़ितों को जीआर राशि नहीं मिलने से आक्रोश

Updated at : 16 Oct 2024 6:50 PM (IST)
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बाढ़ पीड़ितों को जीआर राशि नहीं मिलने से आक्रोश

बहुत कम लोगों को मिली जीआर राशि

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फोटो-9- मटियारी वार्ड आठ में कटे घर. प्रतिनिधि, जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र से बहने वाली बकरा, कनक ई व परमान नदियों ने जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र में इस वर्ष भारी तांडव मचाया है. सैकड़ों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए. उक्त नदियों के कटाव से दर्जनों लोग बेघर हैं. लेकिन ऐसे कम लोगों को इस वर्ष जीआर राशि मिली है जिससे बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश व्याप्त है. वार्ड सदस्यों, मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों को पीडितों का कोपभाजन का शिकार बनना पड़ रहा है. हालात यह है कि पंचायत प्रतिनिधि बाढ़ पीड़ितों के सामने आने से कतराते हैं. हालांकि 40 प्रतिशत लोगों को जीआर राशि मिलने की सूचना के बाद जोकीहाट प्रखंड के मुखिया संघ के सदस्यों ने डीएम अनिल कुमार को जमीनी हकीकत की जानकारी दी लेकिन परिणाम कुछ भी सकारात्मक नहीं मिला. बाढ़ से लगभग दो दर्जन पंचायत प्रभावित हुए हैं. मटियारी पंचायत के वार्ड संख्या आठ में बकरा नदी में जब बाढ़ आई तो एक सप्ताह तक पीड़ितों के घर में पानी भर गया. छोटे छोटे बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे. जब बाढ़ का पानी उतरा तो कटान ने घरों को अपने चपेट में ले लिया. तस्वीर में देख सकते हैं किस तरह नदी में घर गिरे हैं. जिन परिवारों का घर नदी में विलीन हुआ उनमें शहाबुउद्दीन ,मुर्शिदा, तंजीला, जहांगीर, जफीर, मुमताज, आलमगीर ,अय्यूब आदि शामिल हैं. बाढ़ पीड़ित मोजीब पिता सैय्याद का दो से तीन बार घर नदी में विलीन हुआ है. फिलहाल सड़क के किनारे खानाबदोश की तरह बसे हैं. अब घर बनाने के लिए उन्हें जमीन भी नहीं है. लेकिन ऐसे पीड़ित परिवार को भी जीआर राशि नही दी गयी. जीआर राशि वितरण का जिला प्रशासन ने क्या मापदंड तय किये हैं जोकीहाट अंचल कर्मियों को कुछ पता नहीं है. सीओ भी अधिकतर कार्यालय नही पहुंच रहे हैं. बकरा नदी के कटान से मटियारी पंचायत से भागने वाले परिवारों में अनवारुल, ऐनुल, सेनुल, दबीर,कबीर ,बारीक,अरसद, यासीन, रकीब ,इरसाद, मुस्लिम बसीर, इस्लाम, वसीक, रसीद ,नैय्यर, इजहार ,मंजर शामिल हैं जो दूसरे जगह जाकर बसे हैं. वहीं बकरा नदी किनारे बसे दुखाई का घर बकरा नदी में गिर गया जो विकलांग हैं. भीख मांग कर परिवार चलाते हैं. उन्हें भूमि भी नहीं है जो अपने रिश्तेदार के यहां रहकर जीवन बसर कर रहे हैं. ऐसे परिवार के बुजुर्गों के चेहरे पर मायूसी है. वहीं गैरकी मसूरिया पंचायत अंतर्गत फरसाडांगी वार्ड संख्या एक मरिया टोला में सुलेमान, बुद्धू ,इस्माइल, अबुजर,मुजाहिद का पक्की मकान बकरा नदी के कटान के कारण नदी में विलीन हो गया. जलाल व तबरेज का कच्चा मकान बकरा नदी में गिर गया. फिलहाल शाहिद, अख्तर, हजरत, इरसाद का घर बकरा नदी में गिरने के कगार पर है. केसर्रा, तारण, भगवानपुर आदि प्रखंडों में भी बाढ़ ने तबाही मचाई है. पूर्व मंत्री सह जोकीहाट विधायक शाहनवाज आलम ने कहा कि पूरे प्रखंड में सिर्फ 4210 लाभार्थियों को जीआर मिलना दुखद है. प्रशासनिक स्तर से फिर से जमीनी सर्वे कराकर सही बाढ़ पीड़ितों को जीआर राशि का लाभ दिया जाना चाहिए. मुआवजा राशि नहीं मिलने से पीड़ित परिवारों में आक्रोश है.

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