ADM के थप्पड़ का वीडियो वायरल, अररिया में बवाल, हड़ताल पर गए प्राइवेट डॉक्टर

Updated at : 13 Feb 2026 8:27 PM (IST)
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araria adm and doctors

अररिया में एडीएम ने डॉक्टर को मारा थप्पड़

Bihar News: अररिया में जांच के दौरान एडीएम ने एक डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस घटना के विरोध में जिले के प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. प्रशासन और चिकित्सकों के बीच टकराव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं.

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Bihar News: अररिया जिले में गुरुवार को हुए थप्पड़ कांड के बाद बवाल मच गया है. वायरल वीडियो ने मामले को और तूल दे दिया है. शुक्रवार से जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. मरीजों को भारी परेशानी हो रही है.

डीएम के निर्देश पर चल रही थी जांच

जिले में डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी लैब की जांच हो रही थी. मानकों के बिना चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई के लिए दो धावा दल बनाए गए थे. एक टीम की अगुवाई एडीएम डॉ. रामबाबू कर रहे थे.

अस्पताल में बहस, फिर थप्पड़

धावा दल फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंचा. जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई. इसी दौरान आरोप है कि एडीएम डॉ. रामबाबू ने डॉक्टर दीपक कुमार को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई. वायरल हो रहे वीडियो में यह झड़प कैद है.

अधिकारियों को कमरे में बंधक बनाया

मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए. डॉक्टर के समर्थकों ने धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया. करीब आधे घंटे तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया. सूचना मिलते ही एसडीएम, अन्य अधिकारी और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे. दरवाजा खुलवाकर सभी को बाहर निकाला गया.

आईएमए ने लिया संज्ञान

घटना के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया. अररिया, पूर्णिया और सुपौल की इकाइयों ने बैठक की. राज्य स्तर पर भी चर्चा हुई. आईएमए के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा. इसी के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं.

अस्पताल संचालक का बयान

डॉ. दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि धावा दल ने दुर्व्यवहार किया और फिजिकल अटैक की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है. हालांकि बचाव में मारपीट होने की बात भी उन्होंने स्वीकार की.

सिविल सर्जन पहुंचे मौके पर

सूचना के बाद सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप भी पहुंचे. उन्होंने जांच का भरोसा दिया. प्रशासन का कहना है कि नियमों की जांच जरूरी है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कार्रवाई सम्मानजनक होनी चाहिए. फिलहाल जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और मामला गरमाया हुआ है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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